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                <title>noida metro - Bhartiya Basti</title>
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                <title>Uttar Pradesh News: 5 लाख लोगों को राहत, नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट पर बड़ा फैसला</title>
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                        <![CDATA[Uttar Pradesh News: Relief for 5 lakh people, major decision on Noida-Greater Noida West Metro route, Uttar Pradesh News: 5 लाख लोगों को राहत, नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट पर बड़ा फैसला]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/uttar-pradesh-news-relief-to-5-lakh-people-big-decision/article-24450"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2026-02/uttar-pradesh-news_20260218_153906_0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है. नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने एक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. प्रस्ताव है कि मेट्रो को नोएडा सेक्टर-61 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4, गौर चौक तक बढ़ाया जाए, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके.</p>
<h4><strong>क्यों जरूरी हुआ विस्तार</strong></h4>
<p>अब तक इस कॉरिडोर को नॉलेज पार्क-5 तक विकसित करने का प्रस्ताव था, जिसे उत्तर प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी थी. लेकिन यह रूट गाजियाबाद से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक प्रस्तावित आरआरटीएस नमो रेल के मार्ग से टकरा रहा था. इसी वजह से केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिल पाई और परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी.</p>
<p>इस देरी का सबसे ज्यादा असर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सैकड़ों हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले लोगों पर पड़ा. यहां रहने वाले लाखों लोगों को अब तक भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं मिल सकी.</p>
<h4><strong>नया प्लान क्या है</strong></h4>
<p>अब एनएमआरसी प्रबंधन ने रूट में बदलाव का खाका तैयार किया है. नई योजना के अनुसार, सेक्टर-61 पर ब्लू लाइन मेट्रो से कनेक्ट करते हुए एक्वा लाइन को सीधे किसान चौक यानी सेक्टर-4, गौर चौक तक बढ़ाया जाएगा. आगे इसे आरआरटीएस लाइन से जोड़ने की तैयारी है, जिससे बहुस्तरीय कनेक्टिविटी मिल सके.</p>
<p>इस प्रस्ताव से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की करीब 113 ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले लगभग 5 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.</p>
<h4><strong>4 स्टेशनों की तैयारी</strong></h4>
<p>प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 6 किलोमीटर लंबा होगा और पूरा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा. इस रूट पर 4 स्टेशन बनाए जाने की योजना है:-</p>
<ul>
<li>सेक्टर-61 (कॉमन जंक्शन स्टेशन)</li>
<li>सेक्टर-70</li>
<li>सेक्टर-123</li>
<li>सेक्टर-4, ग्रेटर नोएडा वेस्ट</li>
</ul>
<p>सेक्टर-61 को दिल्ली मेट्रो और एनएमआरसी का संयुक्त स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा आसान हो सके.</p>
<h4><strong>ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत</strong></h4>
<p>एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश के अनुसार, संशोधित योजना नॉलेज पार्क-5 परियोजना का ही हिस्सा है, लेकिन अब इसे आरआरटीएस से जोड़कर ज्यादा उपयोगी बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी और लोगों को तेज व भरोसेमंद परिवहन विकल्प मिलेगा.</p>
<h4><strong>एयरपोर्ट कनेक्टिविटी भी आसान</strong></h4>
<p>इस नेटवर्क के तैयार होने पर यात्रियों को मेट्रो से आरआरटीएस पकड़कर सीधे जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी. इससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच यात्रा पहले से ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है.</p>
<h4><strong>आगे की प्रक्रिया और लाभ</strong></h4>
<p>सूत्रों के मुताबिक, इस रूट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है. मामूली संशोधन के बाद इसे दोबारा उत्तर प्रदेश कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने पर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी. अनुमान है कि इस लाइन के शुरू होने पर करीब 1.25 लाख या उससे अधिक यात्रियों को रोजाना लाभ मिल सकता है.</p>
<p>परियोजना के लिए धनराशि केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मिलकर उपलब्ध कराएंगे. दूसरी ओर, ग्रेटर नोएडा डिपो से जुड़ी अन्य डीपीआर पहले ही केंद्र से स्वीकृत हो चुकी हैं और उन पर डिजाइन व सर्वे का काम अंतिम चरण में है.</p>
<p>इसी क्रम में बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की डीपीआर को भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है. इस खंड में विस्तृत डिजाइन पर तेजी से काम चल रहा है, जबकि टोपोग्राफी सर्वे और मिट्टी परीक्षण पुर्ण कर लिया गया है.</p>
<p>संशोधित डीपीआर को जल्द कैबिनेट में भेजने की तैयारी चल रही है और अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को मेट्रो की सीधी सुविधा मिल सकेगी.</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:52:21 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Shobhit Pandey]]>
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                <title>यूपी में 525 किमी नया मेट्रो रूट! लखनऊ–कानपुर–आगरा में शुरू हो रहा सबसे बड़ा विस्तार</title>
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                        <![CDATA[525 km of new metro routes in UP! The largest expansion begins in Lucknow-Kanpur-Agra, यूपी में 525 किमी नया मेट्रो रूट! लखनऊ–कानपुर–आगरा में शुरू हो रहा सबसे बड़ा विस्तार]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/gorakhpur/525-km-new-metro-route-in-up-biggest-expansion-starting/article-23645"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-07/basti-news--(2)-(1).png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में शहरों का रूप तेज़ी से बदल रहा है. ट्रैफ़िक की भीड़ से परेशान लोगों के लिए मेट्रो अब सबसे भरोसेमंद सहारा बनती जा रही है. आने वाले समय में और भी कई शहरों में मेट्रो पहुँचने वाली है. इसी दिशा में ‘विकसित उत्तर प्रदेश फॉर विकसित भारत @2047’ नाम की कार्यशाला में यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अपने बड़े और दूर की सोच वाले प्लान साझा किए.</p>
<p>प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नगरीय निकाय निदेशालय में हुई इस कार्यशाला में मेट्रो विस्तार पर बेहद गंभीर चर्चा की गई. कार्यक्रम में यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि आने वाले सालों में जिन शहरों में रफ्तार बढ़ेगी, उनमें लखनऊ सबसे आगे होगा. यहाँ 225 किलोमीटर तक मेट्रो नेटवर्क बढ़ाने का खाका तैयार है.</p>
<h4><strong>कानपुर और आगरा भी रफ्तार पकड़ने को तैयार</strong></h4>
<p>आज यूपीएमआरसी लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो सेवाएँ चला रहा है. लेकिन योजना इससे कहीं बड़ी है. कानपुर में 200 किलोमीटर और आगरा में 100 किलोमीटर का विस्तार प्रस्तावित है. इन प्रोजेक्ट्स की तैयारी भविष्य के ट्रैफिक बोझ को ध्यान में रखकर की जा रही है.</p>
<h4><strong>कैसे तैयार होगा इतना बड़ा मेट्रो जाल?</strong></h4>
<p>सुशील कुमार ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि यूपी की मेट्रो परियोजनाएँ ऐसी वित्तीय संरचना पर आधारित हैं, जिसमें आधा खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती हैं. बाकी राशि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से किफायती दर पर लोन के रूप में आती है.</p>
<p>हर साल लगभग 1,040 करोड़ रुपये लखनऊ, कानपुर और आगरा की विस्तार योजनाओं पर खर्च करने होंगे. एक परियोजना को जमीन पर उतरने में करीब 5 साल का वक्त लगता है.</p>
<h4><strong>वाराणसी, प्रयागराज और नोएडा के लिए भी बड़े प्लान</strong></h4>
<p>यूपी की महत्वाकांक्षा सिर्फ तीन शहरों तक सीमित नहीं है. UPMRC ने नोएडा–ग्रेटर नोएडा, वाराणसी, प्रयागराज में 150-150 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर की योजना तैयार की है. इन शहरों में यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, इसलिए मेट्रो को यहाँ भविष्य के लिए जरूरी माना जा रहा है.</p>
<h4><strong>छोटे शहरों को भी मिलेगा बड़ा सहारा</strong></h4>
<p>गोरखपुर, अयोध्या, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, मथुरा-वृंदावन, अलीगढ़ और सहारनपुर को भी मेट्रो सेवा से जोड़ने की तैयारी है. इन सभी के लिए 50-50 किलोमीटर का प्रस्ताव तैयार है.</p>
<p>कुल मिलाकर 1,575 किलोमीटर की इस विशाल योजना में से 790 किलोमीटर का काम वर्ष 2035 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इन परियोजनाओं पर सालाना कुल 1,527 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है.</p>
<h4><strong>कनेक्टिविटी का नया मॉडल</strong></h4>
<p>लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारने के लिए Uber और Rapido जैसे ऐप्स के साथ समझौते किए गए हैं. मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग बढ़ाई जा रही है ताकि लोग आसानी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुँच सकें.</p>
<p>इसके साथ ही, यूपी देश का पहला राज्य है जिसने बड़े पैमाने पर ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) लागू किया है, जिससे मेट्रो को किराए के अलावा भी मजबूत कमाई होती है.</p>
<h4><strong>दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बना यूपी</strong></h4>
<p>यूपीएमआरसी ने दावा किया कि आज उनके सभी मेट्रो सिस्टम मुनाफे में चल रहे हैं, जो देश में टियर-2 शहरों के लिए एक नया बेंचमार्क है. उत्तर प्रदेश अब 6 शहरों में मेट्रो सेवा चलाने वाला देश का सबसे बड़ा राज्य बन चुका है. भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया में अब तीसरे नंबर पर हैं. योजना की सफलतापूर्वक पूर्ण हो जाने के बाद भारत दूसरे नंबर पर पहुंच जाएगा.</p>
<p>यूपी की यह बड़ी मेट्रो विस्तार योजना ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के साथ-साथ राज्य के शहरी विकास का नया अध्याय है. आने वाले वर्षों में यह नेटवर्क न केवल यात्रा को तेज़ और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि शहरों की स्वच्छता, रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण और समग्र जीवन गुणवत्ता को भी नई दिशा देगा. अगर योजनाएँ तय समय पर पूरी हो गईं, तो उत्तर प्रदेश देश ही नहीं, दुनिया के आधुनिक मेट्रो सिस्टम वाले अग्रणी राज्यों में प्रसिद्ध हो जाएगा.</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Gorakhpur news</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 13:15:25 +0530</pubDate>
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