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                <title>bank news - Bhartiya Basti</title>
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                <title>यूपी में घर में चला रहा था बैंक, 1500 लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार</title>
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                        <![CDATA[He was running a bank from his house in UP, absconded with the hard earned money of 1500 people, यूपी में घर में चला रहा था बैंक, 1500 लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/gorakhpur/bank-was-running-at-home-in-up-and-absconding-with/article-22441"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-09/uttar-pradesh--(53).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र के बिछिया इलाके में प्राइवेट बैंक चलाने के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है. बैंक के संचालक ने हजारों लोगों को मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया और एजेंटों के जरिए करोड़ों रुपये जमा करा लिए. स्वतंत्रता दिवस के आसपास अचानक बैंक पर छुट्टी का पोस्टर चिपकाकर संचालक फरार हो गया.</p>
<h4><strong>2016 से शुरू हुआ था बैंक</strong></h4>
<p>बिछिया निवासी कंचन यादव और एजेंटों ने बताया कि साल 2016 में आरोपी ने अपने घर को ही बैंक का दफ्तर बना लिया था. धीरे-धीरे उसने मोहल्ले और शहर के कई युवाओं को एजेंट बनाकर जनता से पैसे जमा कराना शुरू किया. एजेंट लोगों से रुपये जमा करवाते और बदले में खाताधारकों को रसीद दी जाती थी. एजेंटों को हर महीने निश्चित सैलरी भी मिलती थी.</p>
<h4><strong>पांच करोड़ रुपये का निवेश</strong></h4>
<p>करीब 9 सालों में एजेंटों की मदद से लगभग 1500 लोगों ने इस कथित बैंक में अपनी कमाई लगाई. अनुमान है कि कुल जमा राशि करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इसमें से 13.40 लाख रुपये केवल जमा और एजेंटों की तनख्वाह में खर्च हुए. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया. लोग समय पर रसीद पाते रहे और एजेंटों को भी पैसे मिलते रहे.</p>
<h4><strong>स्वतंत्रता दिवस के बाद बंद हुआ बैंक</strong></h4>
<p>15 अगस्त के आसपास अचानक बैंक के गेट पर छुट्टी का पोस्टर चिपकाकर ताला जड़ दिया गया. 17 अगस्त तक बैंक नहीं खुला तो खाताधारक और एजेंट परेशान हो उठे. संचालक ने बाद में एजेंटों को फोन कर कहा कि वह नेपाल जा रहा है और अब पैसे जमा करने का काम बंद कर दें. इसके कुछ समय बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया और बैंक स्थायी रूप से बंद कर दिया गया.</p>
<h4><strong>खाताधारकों और एजेंटों की गुहार</strong></h4>
<p>सैकड़ों लोग अपने पैसे डूबने के डर से लगातार एजेंटों को फोन करने लगे. परेशान एजेंटों और खाताधारकों ने शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया.</p>
<h4><strong>पुलिस की कार्रवाई शुरू</strong></h4>
<p>एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की जा रही है. आरोपों की पुष्टि होने पर संचालक की गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी. एजेंटों का कहना है कि उन्होंने पहले भी शाहपुर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन अब मामले ने गंभीर रूप ले लिया है.</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>Gorakhpur news</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 13:22:39 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Shobhit Pandey]]>
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                <title>यूपी का पहला यह शहर बनेगा AI, बजट में 5 करोड़ का हुला ऐलान</title>
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                        <![CDATA[This city of UP will be the first to become AI, 5 crore rupees announced in the budget,  यूपी का पहला यह शहर बनेगा AI, बजट में 5 करोड़ का हुला एलान]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/this-city-of-up-will-be-the-first-to-become-ai--5-crore-rupees-announced-in-the-budget/article-17807"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-02/ai-news-(1).png" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्‍ना की ओर से पेश किए गए यूपी बजट 2025 में वैसे तो कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन एक ऐलान है जो सबका ध्‍यान अपनी खींच रहा है वजह है इसके आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस से जुड़े होने की। राजधानी लखनऊ को न केवल प्रदेश बल्कि देश की पहली एआई सिटी बनाने के लिए बजट में विशेष तौर पर 5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। </p>
<h6><strong>कैसा होगा देश का पहला आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस शहर</strong></h6>
<p>आज सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारित रोबोटिक सर्जरी, स्मार्ट डायग्नोसिस और दवा अनुसंधान, शिक्षा में ट्यूटर, स्मार्ट क्लासरूम, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, कृषि में ड्रोन और मशीन लर्निंग से फसल उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, व्यापार और वित्त में धोखाधड़ी रोकने, निवेश निर्णय लेने और आटोमेटेड बैंकिंग सेवाओं में बढ़ता उपयोग, डेटा सुरक्षा और साइबर हमलों को रोकने, परिवहन और स्मार्ट सिटी में सेल्फ-ड्राइविंग कारें, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि लगभग सभी क्षेत्रों में की मांग है। लखनऊ में स्टार्टअप और बड़ी कंपनियों के लिए अच्छा माहौल बनाकर सिटी को विकसित किया जा सकता है, इसमें हाई-स्पीड इंटरनेट, क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र और परीक्षण प्रयोगशालाएं भी हो सकती हैं, आइये जानते हैं पूरी डिटेल मे। विकास को और बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने भारत मिशन के लिए 10.000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 2024 की शुरुआत में देश में करीब 240 जनरेटिव स्टार्टअप का जन्म हुआ, जिससे देश को नवाचार में वैश्विक स्तर पर छठा स्थान मिला।  अब सरकार द्वारा सिटी के लिए बजट का प्रस्ताव मिलने से इस क्षेत्र में और तेजी आएगी। देश और दुनिया में लखनऊ की पहचान एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में बनेगी। युवा एआइ प्रोफेशनल्स को अपने ही शहर में विश्वस्तरीय अवसर मिलेंगे। नए स्टार्टअप्स और कंपनियों के निवेश से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भारत वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी में अग्रणी बन सकेगा। आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस इकोसिस्‍टम को मजबूत करने के लिए जरूरी सुविधाओं और जगह की पहचान की गई है, सरकार यूपी में निवेश को और जाना लाना चाहती है, इसके लिए क्षेत्र को बढ़ावा देना ज़रूरी है, इसी के मद्देनजर सिटी का ऐलान किया गया है। </p>
<h6><strong>हाई-स्पीड इंटरनेट सबकुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलेगा</strong></h6>
<p>लखनऊ में आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप और बड़ी कंपनियों के लिए अच्छा माहौल बनाकर आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी को विकसित किया जा सकता है। इसमें टैक्‍स छूट और इनोवेशन सेंटर्स के साथ आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस से संबंधित आर्थिक क्षेत्र बनाना शामिल है। साथ ही योगी सरकार बिजनेस को आकर्षित करने के लिए सब्सिडी, कर छूट और आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस के लिए अनुकूल नीतियों ला सकती है। शहर के बुनियादी ढांचे को भविष्‍य के लिहाज से बनाने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट, क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र और परीक्षण प्रयोगशालाएं भी हो सकती हैं, आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंससे संबंधित विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण केंद्र अच्छे पेशेवर तैयार करने में मदद कर सकते हैं। विकास को और बढ़ावा देने के लिए आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सम्मेलन आयोजित किए जा सकते हैं। आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी में सार्वजनिक निजी साझेदारी बन सकती है, जिसमें सार्वजनिक सेवाओं में आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में लखनऊ का आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी बनना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की दिशा बदल सकता है। लखनऊ में ट्रिपल आईटी पहले ही आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई कोर्स और प्रोग्राम चला रहा है। स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर पर आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस कोर्स उपलब्ध हैं। साथ ही, आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस आधारित स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। तहजीब का शहर लखनऊ अब भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी बनेगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए पांच करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री के खजाने से मिले पांच करोड़ रुपये ने राजधानी में आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी की आधारशिला रखने का काम किया है, जो भविष्य में बड़ा आकार लेगा। यह भारत को आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस तकनीक में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आइटी) के निदेशक प्रो. अरुण मोहन शेरी का कहना है कि आने वाले 20 वर्षों में आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सेक्टर रोजगार देने में आइटी सेक्टर को भी पीछे छोड़ देगा। वर्तमान में दुनिया भर में आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस प्रोफेशनल्स की भारी मांग है, लेकिन आपूर्ति सीमित है। इससे वैश्विक स्तर पर लखनऊ को आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस प्रोफेशनल तैयार करने वाले शहर के रूप में एक नई पहचान मिलेगी। दुनिया में अब तक कोई भी शहर आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी के रूप में पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है। हालांकि अमेरिका, चीन, जापान और यूरोप के कुछ बड़े शहरों में आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन किसी भी शहर को पूरी तरह आर्टिफ‍शियल इंटेलिजेंस सिटी के रूप में विकसित करने की पहल पहली बार लखनऊ में हो रही है।</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 13:37:55 +0530</pubDate>
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