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                <title>Covishield - Bhartiya Basti</title>
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                <title>यूपी में मिला HMPV वायरस से ग्रसित पहला मरीज! जानें इसके बारे में और लक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[First HMVP virus found in UP, know about it and its symptoms,  यूपी में मिला पहला HMPV वायरस, जाने इसके बारे में और इसके लक्षण
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/first-hmvp-virus-found-in-up--know-about-it-and-its-symptoms/article-17116"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-01/hmpv-(1).png" alt=""></a><br /><p>चीनी वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ने देश में सनसनी फैला दी है। अब तक इसके कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों के अंदर इसे लेकर कई सवाल है, जिसमें ये भी कि क्या एचएमपीवी अगला कोविड.19 तो नहीं है। </p>
<h6><strong>तेज ठंड में एक्टिव होता है वायरस</strong></h6>
<p>ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस संक्रमण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों से शुरू होता है और अगर यह कमजोर प्रतिरक्षा वाले शरीर में गंभीर हो जाता है, तो यह ब्रोंकियोलाइटिस (एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो फेफड़ों के छोटे वायुमार्ग (ब्रोंकियोल) को प्रभावित करती है ,कारण बन सकती है। कुछ केस में यह बुजुर्ग या शिशुओं में निमोनिया का कारण बन सकता है। कोरोना वायरस जैसे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के गुरुवार को 2 केस मिले हैं। पहला मामला उत्तर प्रदेश का है। लखनऊ में 60 साल की महिला पॉजिटिव पाई गई है। यह रिपोर्ट प्राइवेट अस्पतला की लैब की है। सरकारी रिपोर्ट शाम तक आएगी। देश में वायरस से जुड़े कुल 11 मामले हो गए हैं। महाराष्ट्र में 3, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2.2, पश्चिम बंगाल और यूपी में एक.एक केस सामने आए हैं। संक्रमित होने पर मरीजों में सर्दी और कोविड-19 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है। इनमें 2 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। केंद्र ने राज्यों को इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस और सीवर एक्यूट रेस्परेट्री इश्यूज जैसी सांस की बीमारियों की निगरानी बढ़ाने और के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी है। भारतीय विज्ञान संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी और सेल बायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और अध्यक्ष डॉ. दास ने बताया एचएमपीवी कोई नई बीमारी नहीं है और इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है। 2001 के बाद यह पहली बार हैए जब इस वायरस ने चीन में प्रकोप पैदा किया है। भारत सरकार ने 4 जनवरी को जॉइंट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक की थी। इसके बाद सरकार ने कहा था कि सर्दी के मौसम में फ्लू जैसी स्थिति असामान्य नहीं है। चीन के मामलों पर भी नजर रखे हुए हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए तैयार है। </p>
<h6><strong>वायरस को लेकर तैयारी शुरू</strong></h6>
<p>यह श्वसन से जुड़ी बीमारी है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी है। डॉ रणदीप गुलेरिया के अनुसार यह वायरस आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। अगर बुखार है तो दवा लें, पानी पीते रहें और पोषण वाला खाना खाएं। उन्होंने बताया कि में हल्का संक्रमण होता है। मगर शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में यह निमोनिया का कारण बन जाता है। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक राज्य शासन से गाडइ लाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन बैठक के बाद यहां पहले से तैयारी शुरू कर ली गई है, ताकि आपात स्थिति बनती है तो उससे आसानी से लड़ा जा सके। फिलहाल पांच बेड के साथ पांच वेंटिलेटर तैयार करके रखा गया है। इसके साथ ही आक्सीजन प्लांट की भी जांच की गई है, ताकि अगर मरीजों को आक्सीजन की जरूरत पडे़ तो आसानी से उपलब्ध हो सके। एचएमपीवी वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में इसके लिए बेड, वेंटिलेटर सहित अव्यस्था कर ली गई है। ऐसे में यदि कोई इस लक्षण के मरीज आते भी हैं तो तत्काल उपचार शुरू कर दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 18:28:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shambhunath Gupta]]></dc:creator>
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                <title>Covishield लगवाने वालों को सच में है हार्ट अटैक का खतरा? जानें- क्या कहता है विज्ञान</title>
                                    <description><![CDATA[Those who get Covishield are really at risk of heart attack ?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/india-news/are-those-who-get-covishield-really-at-risk-of-heart-attack/article-13829"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2024-05/covishield-लगवाने-वालों-को-सच-में-है-हार्ट-अटैक-का-खतरा--(1).jpg" alt=""></a><br /><p>कोविशील्ड वैक्सीन के निर्माता ने लंदन की कोर्ट में खुद यह बात कबूली है कि उनकी वैक्सीन लेने के बाद हो सकता है हार्ट अटैक के चांसेस बढ़ जाएं क्योंकि ब्लड क्लॉटिंग की समस्या आम हो गई है. आप सभी ने यह बात नोटिस की होगी कि कोविड  के बाद हार्ट अटैक की प्रॉब्लम बढ़ गई है.  पांच लोगो में से एक की मृत्यु का कारण हार्ट अटैक ही बताया जा रहा है. </p>
<p><strong>क्या यह कोविड वैक्सीन की वजह से हुआ है ?  </strong><br />AstraZeneca से मिलकर Oxford University ने इस वैक्सीन को तैयार किया था और इंडिया में सीरम इंस्टिट्यूट ने इसको बनाया था.<br />अब इस वैक्सीन को लेने के बाद TTS की मात्रा आपके शरीर में बढ़ती है. TTS का फुल फॉर्म है Thrombosis with Thrombocytopenia Syndrome, Thrombosis का मतलब होता है कि ब्लड क्लॉटिंग या खून के थक्के बन जाना, Thrombocytopenia‌ का मतलब है प्लेटलेट काउंट कम होना. यह दोनों ही हार्ट अटैक को प्रेरित करते हैं. यह बहुत ही रेयर सिंड्रोम है और बहुत ही रेयरली मिलते हैं, पर यह हो सकता है.</p>
<h6>Thrombosis with Thrombocytopenia Syndrome का सिंप्टम्स है :- </h6>
<p>सर दर्द होना, धुंधली दिखना, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द होना, पैरों में सूजन आना, पेट में दर्द. <br />अगर आपको भी यहां सारे सिम्टम्स हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, और अपने सेहत का ध्यान रखें रोज एक्सरसाइज और योगा करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 12:31:42 +0530</pubDate>
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