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                <title>Bullet Train - Bhartiya Basti</title>
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                <title>UP में बुलेट ट्रेन का सपना, लखनऊ से अयोध्या तक हाई-स्पीड रेल की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[Bullet train dream in UP, high-speed rail preparations underway from Lucknow to Ayodhya, UP में बुलेट ट्रेन का सपना, लखनऊ से अयोध्या तक हाई-स्पीड रेल की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/ayodhya/dream-of-bullet-train-in-up-preparation-of-high-speed-rail/article-23953"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-12/uttar-pradesh-news-_20251224_114511_0000.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या अब सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हो गई है. उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में हर दिन लाखों लोग पहुंच रहे हैं, जिससे यात्रा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है. इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार अब परिवहन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है.</p>
<h4><strong>तेज और आसान सफर पर सरकार का फोकस</strong></h4>
<p>सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केवल भव्य मंदिर और कॉरिडोर ही काफी नहीं हैं, बल्कि वहां तक पहुंचने का सफर भी आसान, सुरक्षित और समय बचाने वाला होना चाहिए. इसी सोच के अंतर्गत अब इन तीनों प्रमुख धार्मिक शहरों को हाई स्पीड परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है.</p>
<h4><strong>विजन-2047 में शामिल हुई हाई स्पीड ट्रेन योजना</strong></h4>
<p>आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की तरफ से तैयार किए गए विजन-2047 दस्तावेज में इस महत्वाकांक्षी योजना को शामिल किया गया है. इसके अंतर्गत अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज तक बुलेट ट्रेन जैसी तेज रफ्तार रेल सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे प्रदेश के अंदर और दिल्ली व लखनऊ से भी इन शहरों की दूरी काफी कम हो जाएगी.</p>
<h4><strong>मेट्रो रेल कॉरपोरेशन देगा तकनीकी सहयोग</strong></h4>
<p>इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए आवास विभाग, मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सहयोग से काम करेगा. अभी इन शहरों तक पहुंचने के लिए हवाई सेवा, सामान्य ट्रेनें और बसें ही उपलब्ध हैं, जिनमें यात्रियों को कई घंटे का समय लग जाता है. बुलेट ट्रेन से यह सफर कुछ ही घंटों में पूरा हो सकेगा.</p>
<h4><strong>धार्मिक आयोजनों से बढ़ा दबाव</strong></h4>
<p>अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और प्रयागराज में भव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद से इन शहरों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है. इसे देखते हुए सरकार होटल, बाजार, शॉपिंग मॉल और अन्य आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ परिवहन ढांचे को भी मजबूत कर रही है.</p>
<h4><strong>दो प्रमुख रूट पर चलेगी हाई स्पीड ट्रेन</strong></h4>
<p>प्रस्ताव के अनुसार हाई स्पीड ट्रेन दो मुख्य रूट पर चलाई जाएगी. पहला रूट दिल्ली-लखनऊ-प्रयागराज-वाराणसी होगा, जबकि दूसरा रूट लखनऊ से अयोध्या तक प्रस्तावित है. लगभग 1000 किलोमीटर लंबे हाई स्पीड नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा. कुछ ही समय में इसका विस्तृत प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा.</p>
<h4><strong>क्षेत्रीय यात्रा के लिए आरआरटीएस की तैयारी</strong></h4>
<p>केवल लंबी दूरी ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आवागमन को भी बेहतर बनाने की योजना पर काम हो रहा है. इसके अंतर्गत करीब 1500 किलोमीटर क्षेत्र में नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित करने का प्रस्ताव है. इससे मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, जेवर, मिर्जापुर और वाराणसी जैसे शहर आपस में बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे.</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर विजन-2047 तैयार कर रहे हैं. उसी कड़ी में यह परिवहन योजना सामने आई है. इस परियोजना के सफल होने से अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज की यात्रा तेज और सुविधाजनक होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन और आधुनिक परिवहन के मामले में देश में नई पहचान बनाएगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 11:48:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shobhit Pandey]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देश के 8 राज्यों में 24 हजार 600 करोड़ रुपये की कीमत से बनेगी नई रेल लाइनें, 64 नए स्टेशन, जानें- रूट और स्टेट</title>
                                    <description><![CDATA[देश के 8 राज्यों में 24 हजार 600 करोड़ रुपये की कीमत से बनेगी नई रेल लाइनें, 64 नए स्टेशन, जानें- रूट और स्टेट,indian railway news New railway lines will be built in 8 states of the country at a cost of Rs 24 thousand 600 crore]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/indian-railway-news-new-railway-lines-will-be-built-in-8-states-of-the-country-at-a-cost-of-rs-24-thousand-600-crore/article-14982"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2024-08/indian-railway-news-(9).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Indian Railway News: </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आठ नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो भारतीय रेलवे नेटवर्क में 900 किलोमीटर और 64 नए स्टेशन जोड़ेगी. 24 हजार 600 करोड़ रुपये की लागत से बिहार,ओडिशा, झारखंड, तेलंगाना,महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और पश्चिम बंगाल के 14 जिलों में सेवा देने के लिए नई रेल लाइनें बनाई जाएंगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन्हें 2026 और 2030 के बीच पूरा किया जाना है, जिससे पश्चिम बंगाल के आसनसोल से तेलंगाना के वारंगल तक एक नया कॉरिडोर बनाया जाएगा.</p>
<p>ये परियोजनाएं एक राष्ट्रीय मास्टरप्लान का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से अभी भी वंचित क्षेत्रों तक पहुंचकर यात्रियों और माल की आवाजाही में सुधार करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित करना और आर्थिक विकास को गति देना है महाराष्ट्र में अजंता गुफाएँ, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है, पहली बार रेल द्वारा सेवा प्रदान की जाएगी.</p>
<p><strong>प्रस्तावित आठ नई लाइनें-</strong></p>
<p>गुनुपुर - थेरुबली (73.6 किमी)<br />जूनागढ़ - नबरंगपुर (116.2 किमी)<br />बादामपहाड़ - केंदुझारगढ़ (82.1 किमी)<br />बंगरीपोसी - गोरुमहिसानी (85.6 किमी)<br />मलकानगिरी - पांडुरंगपुर (173.6 किमी)<br />बुरामारा - चाकुलिया (60 किमी)<br />जालना - जलगांव (174 किमी), और<br />विक्रमशिला - कटारेह (26.2 किमी)</p>
<p>नई लाइनों पर माल यातायात में कृषि उपज, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, बॉक्साइट, चूना पत्थर, ग्रेनाइट और कंटेनर शामिल होने की उम्मीद है. रेल  मंत्री वैष्णव के अनुसार, प्रदान की गई अतिरिक्त क्षमता से माल यातायात में 143 मिलियन टन की वृद्धि होगी और CO2 उत्सर्जन में 870,000 टन प्रति वर्ष की कमी आएगी, जबकि भारत के तेल आयात में सालाना 320 मिलियन लीटर की कमी आएगी. सरकार अगले पांच वर्षों में देश के रेलवे नेटवर्क में 10-12 ट्रिलियन रुपए निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 20:28:25 +0530</pubDate>
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