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                <title>यूपी के इन 145 गाँव में जमीन बिक्री पर रोक, जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण</title>
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                        <![CDATA[Land sale banned in these 145 villages of UP, land acquisition to begin soon, यूपी के इन 145 गाँव में जमीन बिक्री पर रोक, जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/siddharthnagar/ban-on-sale-of-land-in-these-145-villages-of/article-24570"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2026-02/uttar-pradesh-news_20260224_143456_0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित सिद्धार्थनगर जिले में प्रस्तावित गोरखपुर-शामली हाईस्पीड एक्सप्रेसवे परियोजना ने ग्रामीण इलाकों में हलचल तेज कर दी है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना जारी होते ही प्रशासन सक्रिय हो गया है और अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. परियोजना को क्षेत्र के विकास की दृष्टि से बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन प्रभावित किसानों के मन में कई सवाल भी उठने लगे हैं.</p>
<p>इस एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 750 किलोमीटर बताई जा रही है. सिद्धार्थनगर जिले की 3 तहसीलों के 145 गांव इस परियोजना की जद में आए हैं. इनमें डुमरियागंज तहसील के 56, बांसी के 51 और इटवा के 38 गांव शामिल हैं. डुमरियागंज क्षेत्र में स्थित बेतनार मुस्तहकम, बेतनार एहतमाली, रमवापुर जगतराम, जहदा, डोमसरा, कटरिया पांडेय, पलेसर, भीटानानकार, खम्हरिया, जीवाराई, पेड़ा, सरोथर कठौतिया, महतिनिया खुर्द, बुजुर्ग, बेनीनगर, डेंगहा जोत कस्तुरी और महनुआ समेत कई गांवों की जमीन अधिग्रहण में चिन्हित की गई है.</p>
<h4><strong>क्या कह रहा है प्रशासन</strong></h4>
<p>जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अधिसूचना लागू होने के पश्चात चिन्हित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह रोक रहेगी. उपनिबंधक तंजीम खान के अनुसार यह कदम शासन के निर्देश पर उठाया गया है जिससे मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी रहे और आगे किसी तरह का विवाद न हो. अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं तय नियमों के तहत पूरी की जाएंगी.</p>
<h4><strong>किसानों की बढ़ी चिंता</strong></h4>
<p>भूमि पर रोक लगने से कई किसानों की योजनाएं वर्तमान में ठहर गई हैं. कुछ लोग अपनी जमीन बेचने की तैयारी में थे, जबकि कई किसान निवेश या पारिवारिक जरूरतों के लिए लेन-देन करना चाहते थे. अब उन्हें मुआवजा तय होने और मिलने तक इंतजार करना पड़ेगा. ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें उचित दर पर और समय से भुगतान मिलेगा, लेकिन अनिश्चितता ने चिंता भी बढ़ा दी है.</p>
<h4><strong>परियोजना से क्या होंगे फायदे</strong></h4>
<p>गोरखपुर-शामली हाईस्पीड एक्सप्रेसवे को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली अहम कड़ी माना जा रहा है. इसके बनने से यात्रा समय कम होने, व्यापार को गति मिलने और नए औद्योगिक अवसर पैदा होने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है.</p>
<p>वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिद्धार्थनगर के 145 चिन्हित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर तत्काल प्रभाव से रोक लागू कर दी गई है. यह प्रतिबंध एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का जमीन सौदा करने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें, ताकि बाद में परेशानी न हो.</p>]]>
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                                                            <category>सिद्धार्थनगर News</category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 14:37:20 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Shobhit Pandey]]>
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                <title>यूपी के इन 12 गाँव में ज़मीन ख़रीद,बिक्री पर रोक</title>
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                        <![CDATA[Ban on buying and selling of land in these 12 villages of UP, यूपी के इन 12 गाँव में ज़मीन ख़रीद,बिक्री पर रोक]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/gorakhpur/ban-on-buying-and-selling-of-land-in-these-12/article-24322"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2026-01/uttar-pradesh-news-_20260128_133438_0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक जल्द ही सफर आसान होने वाला है. उत्तर प्रदेश में स्थित गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक बनने वाला एक्सप्रेसवे इस पूरे इलाके की तस्वीर बदलने की तैयारी में है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर अब ज़मीनी स्तर पर काम तेज़ हो गया है.</p>
<h4><strong>तीन राज्यों को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे</strong></h4>
<p>लगभग 519 किलोमीटर लंबा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ेगा. यह सड़क न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि व्यापार, रोज़गार और विकास की नई संभावनाएं भी खोलेगी.</p>
<h4><strong>गोरखपुर में 8 किलोमीटर का हिस्सा</strong></h4>
<p>इस एक्सप्रेसवे का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा गोरखपुर ज़िले से होकर गुज़रेगा. इसके लिए प्रशासन ने पहले ही सर्वे कराकर सड़क का एलाइनमेंट तय कर लिया है. इस मार्ग में कुल 12 राजस्व गांवों की जमीन शामिल की गई है.</p>
<h4><strong>कहां से होगी एक्सप्रेसवे की शुरुआत</strong></h4>
<p>गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की शुरुआत जगदीशपुर जंगल कौड़िया बाईपास के करमहा क्षेत्र से होगी. यहीं से यह तेज़ रफ्तार सड़क आगे बढ़ेगी और कई ज़िलों से होती हुई सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी.</p>
<h4><strong>जमीनों की खरीद-फरोख्त पर सख्ती</strong></h4>
<p>एक्सप्रेसवे निर्माण को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. गोरखपुर के 12 गांवों में कुल 69.57 हेक्टेयर जमीन पर फिलहाल खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है. इन जमीनों की रजिस्ट्री अब अनुमति मिलने के बाद ही हो सकेगी.</p>
<h4><strong>निबंधन कार्यालय को दी गई सूची</strong></h4>
<p>जमीन की अवैध रजिस्ट्री न हो, इसके लिए निबंधन कार्यालय को भी अलर्ट कर दिया गया है. यहां 577 गाटा नंबरों की सूची भेजी गई है, जिससे किसी भी तरह का लेन-देन रोका जा सके.</p>
<h4><strong>अधिकारियों का सख्त निर्देश</strong></h4>
<p>विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी हिमांशु वर्मा ने तहसील सदर के उप निबंधक प्रथम और द्वितीय को पत्र भेजकर साफ निर्देश दिए हैं कि संबंधित गाटा नंबर की जमीनों की रजिस्ट्री नहीं की जाए. उनका कहना है कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक कोई भी क्रय-विक्रय मान्य नहीं होगा.</p>
<h4><strong>किस तरह की जमीनें होंगी शामिल</strong></h4>
<p>इस परियोजना में सिर्फ निजी कृषि भूमि ही नहीं, बल्कि सरकारी चकमार्ग, नालियां, रास्ते, नवीन परती भूमि और नदी के कुछ हिस्से भी शामिल किए गए हैं. </p>
<h4><strong>पहले अधिग्रहण, फिर निर्माण</strong></h4>
<p>प्रशासन पहले थ्री-डी सर्वे के माध्यम से जमीनों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगा. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत जमीन अधिग्रहण होगा. और फिर एक्सप्रेसवे निर्माण का काम शुरू किया जाएगा.</p>
<h4><strong>स्टांप विभाग की पुष्टि</strong></h4>
<p>एआईजी स्टांप संजय दुबे ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए राजस्व गांवों के गाटा नंबर और रकबे की पूरी सूची मिल चुकी है. इसी आधार पर रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो.</p>
<h4><strong>इन गांवों की जमीनें होंगी अधिग्रहित</strong></h4>
<p><strong>गांव का नाम - भूमि (हेक्टेयर में)</strong></p>
<ul>
<li>करमहा तप्पा पतरा - 5.4402</li>
<li>महराजी तामा पतरा - 7.9063</li>
<li>अगया तप्पा पतरा - 4.6814</li>
<li>मटिहनिया सुमाली - 8.4705</li>
<li>नैयापार खुर्द - 4.3276</li>
<li>उस्का - 2.2417</li>
<li>भरपुरवा - 5.4738</li>
<li>महुअवां खुर्द - 4.01510</li>
<li>राउतपार तप्पा केवटली - 10.55711</li>
<li>हेमछापर - 5.01312</li>
<li>लुहसी - 4.284</li>
</ul>
<h4><strong>मुआवज़े को लेकर प्रशासन का भरोसा</strong></h4>
<p>विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी हिमांशु वर्मा ने कहा है कि भूमि अर्जन सरकारी नियमों के अनुसार किया जाएगा और प्रभावित किसानों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा. जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक जमीन की खरीद-फरोख्त पूरी तरह बंद रहेगी.</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>Gorakhpur news</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 18:09:53 +0530</pubDate>
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