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                <title>DeoriaDrought - Bhartiya Basti</title>
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                <title>यूपी के इस जिले में सड़क चौड़ीकरण से टूटेंगे सैकड़ों मकान!</title>
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                        <![CDATA[Hundreds of houses will be demolished due to road widening in this district of UP!, यूपी के इस जिले में सड़क चौड़ीकरण से टूटेंगे सैकड़ों मकान!
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/hundreds-of-houses-will-be-demolished-due-to-road-widening-in-this-district-of-up/article-22381"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-08/uttar-pradesh--(4)-(1).png" alt=""></a><br /><p>यूपी के कई जिलों में महायोजना 2031 के प्रस्तावित नक्शे से भू स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है जिसमें रिहायशी इलाके भी शामिल हो चुके हैं जिसमें लोगों को मकान टूटने का भी डर दिल में बना हुआ है तथा डूडा कार्यालय में नक्शा पास से नहीं हो पा रहा है. जिसमें सदर विधायक को ज्ञापन सौंप कर लोगों ने भूमि उपयोग परिवर्तन की मांग भी की है.</p>
<h6><strong> महायोजना 2031 में उत्पन्न हुई बड़ी-बड़ी बाधाएं </strong></h6>
<p>उत्तर प्रदेश के जिले में महायोजना 2031 के अंतर्गत प्रस्तावित नक्शे को लेकर इसके जद में आने वाले भू-स्वामियों में हड़कंम मच चुका है जिसमें भूमि प्रयोजन को बदले जाने की जोरदार मांग उठने लगी है दिन बुधवार को उमा नगर रामनाथ देवरिया के लोगों ने सदर विधायक से मिलकर ज्ञापन सौंपने का कार्य किया है.</p>
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<h4 class="tag_h1 node_title"><a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/shri-ramswaroop-university-lathicharge-cm-yogi/article-22467"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से नाराज सीएम योगी, जांच के निर्देश</strong></span></a></h4>
</div>
</div>
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<h2 class="tag_h2 node_subtitle"><span style="color:rgb(33,37,41);font-size:14px;">इस कड़ी में देवरिया महायोजना 2031 में शहर सहित आसपास के 74 गांव के 6478 गाटा की भूमि शामिल की गई है जिसमें शहर के बहुत से ऐसे गाटा को शामिल किया जा चुका है जिसमें लोग मकान बनाकर उसमें निवास कर रहे हैं अब मकान ध्वस्त से होने की चिंता इन्हें हर दिन सता रही है. अब डूडा कार्यालय में अब इन मकानों के द्वितीय और तृतीय तल तथा खाली भूमि पर मकान निर्माण के लिए नक्शा पास भी नहीं किया जा रहा है </span></h2>
</div>
</div>
<h6><strong>भू स्वामियों में मचा हड़काम, मिले सदर विधायक से</strong></h6>
<p>सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को सौपे गए ज्ञापन में वार्ड के लोगों ने कहा है कि सीसी रोड देवरिया रामनाथ अंदर नगर से रुद्रपुर रोड को जाने वाली सड़क वर्तमान में मास्टर प्लान में 9 मीटर तय किया गया है. अब इस योजना के अंतर्गत इसी पर नक्शा भी डूडा ने स्वीकृत किया है जबकि रिवाइज्ड प्लान में यह सड़क 18 मी निर्माण की योजना है अब नई योजना में अधिकांश लोगों की बनी मकान ध्वस्त भी हो सकती है.</p>
<p>जिसमें लोग घर से बेघर भी हो जाएंगे अब इस रोड के किनारे करीब करीब 100 से अधिक लोगों की मकाने इसके अंतर्गत प्रभावित होगी. अब इस तरह शहर की कई अन्य सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई है. विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया है कि महायोजना में नए निर्माण होने वाले भवन पर लागू होगा अब इसके लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता भी की जाएंगी.</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 14:30:04 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Shambhunath Gupta]]>
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                <title>UP में बारिश का संकट: 29 जिलों में सूखे जैसे हालात, देवरिया सबसे प्रभावित, किसानों की बढ़ी मुश्किलें</title>
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                        <![CDATA[उत्तर प्रदेश के 29 जिलों में बारिश की भारी कमी से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। देवरिया सबसे ज्यादा प्रभावित है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और फसलें बर्बाद होने का खतरा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/rainfall-crisis-in-up-drought-in-29-districts-deoria-deoria/article-21704"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(19)1.png" alt=""></a><br /><p>प्रदेश के 29 जिलों में अभी तक बारिश नहीं हो रही है। देवरिया और पूर्वांचल के 13 जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। बारिश न होने से खरीफ फसल की पैदावार पर असर पड़ने का डर है। मौसम की इस बेरुखी को देखते हुए कृषि विभाग काफी चिंतित है। अब सिंचाई और बिजली विभाग से मदद मांगी गई है ताकि खेतों में पानी पहुंचाया जा सके।</p>
<p>प्रदेश में इस बार धान की नर्सरी तो 99 फीसदी तक तैयार हो गई है, लेकिन खेतों में पानी न होने के कारण सिर्फ 65 फीसदी ही रोपाई हो सकी है। मक्का 62 फीसदी, बाजरा 32 फीसदी, अरहर 52 फीसदी, मूंगफली 31 फीसदी और तिल 54 फीसदी ही बोया जा सका है।</p>
<p>जौनपुर के किसान जमुना प्रसाद कहते हैं कि बारिश न होने की वजह से वे 10 बीघे की जगह सिर्फ 2 बीघे में ही धान की रोपाई कर पाए हैं। उनके गांव में ट्रांसफार्मर भी खराब पड़ा है। आजमगढ़ के ढेमा गांव के किसान विश्व विजय सिंह भी शिकायत करते हैं कि नहरों में अब तक पानी नहीं आया है। देवरिया के मनीष सिंह बताते हैं कि उनके खेतों में तो धूल उड़ रही है। बादल तो दिखते ही नहीं और नहरों में भी पानी नहीं मिल पा रहा। इसी वजह से ज़्यादातर खेत अभी भी खाली हैं।</p>
<h2><strong>कई जिलों में भारी कमी</strong></h2>
<p>प्रदेश में बारिश की स्थिति अलग-अलग जिलों में काफी भिन्न है। अभी तक 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा यानी 120 फीसदी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 18 जिलों में बारिश सामान्य रही है, जो 80 से 120 फीसदी के बीच है। वहीं, 12 जिलों में बारिश सामान्य से कम यानी 60 से 80 फीसदी के बीच हुई है। 13 जिलों में बारिश अत्यधिक कम रही है, जहां केवल 40 से 60 फीसदी तक बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति उन 16 जिलों की है, जहां बारिश 40 फीसदी से भी कम दर्ज की गई है।</p>
<h2><strong>पूर्वांचल से नाराज़ हैं बादल</strong></h2>
<p>प्रदेश के 16 जिलों में अब तक बहुत कम बारिश हुई है, सिर्फ 40 फीसदी से भी कम। इनमें से आठ जिले पूर्वांचल के हैं। इन इलाकों को अब सूखे की स्थिति के करीब माना जा रहा है। अगर 31 जुलाई तक बारिश औसत के पास नहीं पहुंची, तो सरकार इन्हें सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की तैयारी शुरू कर सकती है। इन जिलों में देवरिया की स्थिति सबसे खराब है।</p>
<h2><br /><strong>सबसे कम बारिश वाले जिले</strong></h2>
<p>प्रदेश में कुछ जिलों में अब तक बेहद कम बारिश हुई है। देवरिया में सबसे कम, केवल 6.5 फीसदी बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में 13.2 फीसदी, कुशीनगर में 20.4 फीसदी, शामली में 21.1 फीसदी और संत कबीरनगर में 23.2 फीसदी बारिश हुई है। इन जिलों की स्थिति काफी चिंताजनक मानी जा रही है।</p>
<h2><strong>सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले</strong></h2>
<p>प्रदेश में कुछ जिलों में सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश हुई है। ललितपुर में सबसे अधिक 242 फीसदी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा बांदा में 234 फीसदी, चित्रकूट में 201 फीसदी, हमीरपुर में 198 फीसदी और महोबा में 197 फीसदी बारिश हुई है। इन जिलों में बारिश औसत से कई गुना ज्यादा रही है।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों की राय</strong></h2>
<p>वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून कमजोर पड़ा है। इसके कई कारण हैं—कहीं हवा की दिशा में बदलाव है तो कहीं नमी ज्यादा है। जिन जिलों में बारिश 40 फीसदी से भी कम हुई है, वहां हालात सुधरेंगे या नहीं, इस पर अभी कुछ कहना मुश्किल है। हालांकि कई जिलों में अच्छी बारिश भी हुई है।</p>
<h2><br /><strong>किसानों को राहत देने की कोशिश</strong></h2>
<p>जहां बारिश कम हुई है, वहां किसानों को मदद देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। कम बारिश वाली फसलों जैसे बाजरा के बीज पर सरकार सब्सिडी दे रही है। नहर विभाग को लगातार पानी पहुंचाने और बिजली विभाग को किसानों को पर्याप्त बिजली देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार 31 जुलाई तक हालात का इंतजार करेगी, इसके बाद आगे की योजना बनाई जाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 19:53:42 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Harsh Sharma  ]]>
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