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                <title>Varanasi news - Bhartiya Basti</title>
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                <title>Varanasi Ropeway: जल्द शुरू होगा रोपवे, आरओबी का होगा निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[Varanasi Ropeway: Ropeway to start soon, ROB to be constructed, Varanasi Ropeway: जल्द शुरू होगा रोपवे, आरओबी का होगा निर्माण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/varanasi-ropeway-will-start-soon-construction-of-ropeway-rob-will/article-24515"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2026-02/uttar-pradesh-news_20260221_205032_0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित वाराणसी शहर की ट्रैफिक से निजात दिलाने की तैयारी की जा रही है, इसके लिए रोपवे परियोजना अब संचालन की दिशा में तेजी से बढ़ रही है. योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं, जिनमें सबसे अहम कैंट रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन तक सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है.</p>
<h4><strong>आरओबी से मिलेगा सीधा रास्ता</strong></h4>
<p>परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, कैंट रेलवे स्टेशन परिसर से रोपवे स्टेशन तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा. इस ऊपरी मार्ग के बनने से ट्रेन से उतरने वाले यात्री बिना मुख्य सड़क के ट्रैफिक में उतरे सीधे रोपवे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे. इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि भीड़ और जाम की समस्या भी कम होगी.</p>
<p>बताया जा रहा है कि प्रारंभिक योजना में आरओबी शामिल नहीं था, लेकिन हाल ही में हुई समीक्षा बैठक के बाद इसे प्रोजेक्ट में जोड़ा गया है जिससे यात्रियों की आवाजाही और अधिक सुगम हो सके.</p>
<h4><strong>ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस</strong></h4>
<p>हाल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर विस्तार से मंथन किया गया. विशेषज्ञ संस्थानों से सुझाव लेने के बाद परियोजना के सर्कुलेशन प्लान में सुधार किए गए हैं. उद्देश्य यह है कि रोपवे शुरू होने के बाद आसपास की मुख्य सड़कों पर दबाव न्यूनतम रहे.</p>
<h4><strong>स्टेशन क्षेत्रों में बदलेगा यातायात ढांचा</strong></h4>
<p>योजना के अंतर्गत कैंट स्टेशन, काशी विद्यापीठ स्टेशन और रथयात्रा क्षेत्र के आसपास नया सर्कुलेशन एरिया निर्मित किया जाएगा. यहां यात्रियों के लिए ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप जोन अलग-अलग निर्धारित होंगे. पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी बनाई जाएगी जिससे मुख्य मार्गों पर अनावश्यक वाहन खड़े न हों.</p>
<p>इसके अलावा ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों की सुचारु आवाजाही बनाए रखने के लिए अतिरिक्त लेन तैयार करने की भी तैयारी है.</p>
<h4><strong>एयरपोर्ट मॉडल पर होगी सुरक्षा</strong></h4>
<p>रोपवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है. प्रवेश से पहले यात्रियों के सामान की जांच एक्स-रे स्कैनर से होगी, जबकि हर यात्री की स्क्रीनिंग डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से की जाएगी. जरूरत पड़ने पर हैंड-हेल्ड डिटेक्टर से अतिरिक्त जांच भी होगी.</p>
<p>स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग, अलग एंट्री-एग्जिट गेट, आपातकालीन निकास मार्ग और फायर सेफ्टी सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.</p>
<h4><strong>एसएसएफ संभालेगी सुरक्षा</strong></h4>
<p>सुरक्षा प्रबंधन के लिए क्विक रिएक्शन टीम तैनात करने की योजना है और पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) को देने की तैयारी है. सुरक्षा प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित एजेंसियों से भी परामर्श लिया गया है.</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि इन नए प्रावधानों के लागू होने के बाद रोपवे परियोजना न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:53:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shobhit Pandey]]></dc:creator>
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                <title>वाराणसी की हवा बदलेगी: डोमरी में बन रहा 4.5 लाख पौधों का मिनी जंगल</title>
                                    <description><![CDATA[Varanasi's air will change: A mini forest of 4.5 lakh plants is being built in Domri, वाराणसी की हवा बदलेगी: डोमरी में बन रहा 4.5 लाख पौधों का मिनी जंगल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/mini-forest-of-45-lakh-plants-being-built-in-domri/article-24373"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2026-02/uttar-pradesh-news_20260216_111011_0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित वाराणसी की बिगड़ती आबोहवा को बेहतर बनाने और लोगों को प्रकृति के करीब लाने के लिए नगर निगम ने एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है. इसके अंतर्गत डोमरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिनी जंगल विकसित किया जाएगा. यह परियोजना न केवल शहर की हवा को स्वच्छ बनाने में मदद करेगी, बल्कि नागरिकों को भीड़भाड़ भरी जिंदगी के बीच सुकून भरा प्राकृतिक माहौल भी देगी.</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल शहरी पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. योजना का लक्ष्य कम समय में ज्यादा हरियाली तैयार करना है, जिससे शहर के तापमान और प्रदूषण दोनों पर सकारात्मक असर पड़े.</p>
<h4><strong>मियावाकी तकनीक से तैयार होगा घना वन</strong></h4>
<p>नगर निगम डोमरी में लगभग 39 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 4.5 लाख पौधे लगाने जा रहा है. इसमें से लगभग 3 लाख पौधे मियावाकी तकनीक से रोपे जाएंगे. इस पद्धति की खासियत यह है कि पौधे तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में घना जंगल तैयार हो जाता है.</p>
<p>इसके अलावा 50 हजार इमारती लकड़ी के पौधे और करीब 1 लाख फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे. इससे भविष्य में हरित संसाधनों की उपलब्धता बढ़ेगी और जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी.</p>
<h4><strong>लोगों के लिए बनेगा प्राकृतिक सुकून का केंद्र</strong></h4>
<p>परियोजना को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा गया है. नगर निगम यहां नागरिकों के उपयोग के लिए जॉगिंग ट्रैक भी विकसित करेगा, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को स्वच्छ और हराभरा वातावरण मिल सके.</p>
<p>आगे चलकर इस पूरे क्षेत्र को एक आकर्षक इको-स्पॉट के रूप में विकसित करने की भी योजना है. इसके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से तैयार की जाएंगी, जिससे यह स्थान शहरवासियों के लिए पसंदीदा स्थल बन सके.</p>
<h4><strong>शहर को मिलेगा बड़ा पर्यावरणीय लाभ</strong></h4>
<p>नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद डोमरी का यह मिनी जंगल वाराणसी के लिए ‘ग्रीन लंग्स’ की तरह काम करेगा. इससे वायु गुणवत्ता में सुधार, तापमान में संतुलन और लोगों को बेहतर पर्यावरण मिलने की उम्मीद है.</p>
<p>यह ध्यान देने योग्य है कि 39 हेक्टेयर में प्रस्तावित यह हरित क्षेत्र आने वाले वर्षों में शहर की पारिस्थितिकी को मजबूत कर सकता है. अगर योजना समय पर पूरी होती है, तो शहरी जीवन की भागदौड़ के बीच लोगों को प्रकृति से जुड़ने का बेहतर अवसर भी मिलेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:12:55 +0530</pubDate>
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