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                <title>land scam - Bhartiya Basti</title>
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                <title>UP में जमीन मुआवजे का बड़ा खेल! DM की जांच से खुलेंगे करोड़ों के राज</title>
                                    <description><![CDATA[A massive land compensation scam in Uttar Pradesh! A DM's investigation will uncover secrets worth crores, UP में जमीन मुआवजे का बड़ा खेल! DM की जांच से खुलेंगे करोड़ों के राज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/lucknow/big-game-of-land-compensation-in-up-dms-investigation-will/article-23567"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-11/uttar-pradesh-news-_20251028_082544_00001.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे जिसे प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जाता है अब एक ऐसे विवाद में घिर चुका है, जिसने कई दफ्तरों में बेचैनी बढ़ा दी है. भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुआवजों में ऐसी अनियमितताएँ सामने आई हैं, जिनकी परतें खुलते ही कई पुराने फैसलों पर सवाल खड़े हो गए हैं.</p>
<p>राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ की जिलाधिकारी विशाखा जी को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है. प्रारंभिक दस्तावेज़ों की जाँच में साफ संकेत मिले हैं कि उस समय के एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की भूमिका संदिग्ध रही है. यह सिर्फ लखनऊ का मसला नहीं है, संकेत हैं कि यह गड़बड़ी कई जिलों में फैली हो सकती है.</p>
<h4><strong>दो हफ्तों में पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश</strong></h4>
<p>जिलाधिकारी को कहा गया है कि मुआवजे से जुड़े हर एक प्रकरण को दुबारा खंगाला जाए और 2 हफ्ते में पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. साथ ही, जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या लाभार्थियों को गलत तरीके से मुआवजा मिला, उनसे वसूली करने का आदेश भी दे दिया गया है.</p>
<h4><strong>2013 के निर्देश और 302 किलोमीटर की महत्वाकांक्षा</strong></h4>
<p>13 मई 2013 को तत्कालीन मुख्य सचिव ने 10 जिलों के डीएम को यूपीडा के लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा था. उसी समय 302 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की तय संरेखण भी जारी की गई थी. परंतु इसी प्रक्रिया में लखनऊ के सरोसा–भरोसा गांव की भूमि पर ऐसा खेल खेला गया जिसने सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.</p>
<h4><strong>पुनरीक्षण ने खोली गुत्थी</strong></h4>
<p>2 नवंबर 2022 को एक आवेदन में सवाल उठाया गया कि जिस जमीन पर मुआवजा दिया गया, उसकी चौहद्दी ही स्पष्ट नहीं है. 2024 में यह मामला फिर राजस्व परिषद पहुँचा. परिषद ने यूपीडा से पूरा अधिग्रहण रिकॉर्ड बुलाया, और तभी असली हेराफेरी सामने आई. ग्राम समाज की जमीन को कागजों में ऐसे बदल दिया गया जैसे वह पहले से कुछ व्यक्तियों के कब्जे में थी. और फिर उसी आधार पर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया.</p>
<p>जांच में यह भी संकेत मिले कि लखनऊ के सरोसा–भरोसा के अलावा नटकौरा, दोना और 3 अन्य गांवों में भी इसी तरह की गड़बड़ियाँ हो सकती हैं. आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े 8 जिलों में इस तरह की अनियमितताओं की आशंका जताई गई है.</p>
<h4><strong>कैसे दो बीघा जमीन का बना करोड़ों का खेल</strong></h4>
<p>सरोसा–भरोसा गांव में गाटा संख्या–3 की 68 बीघा भूमि का मामला सबसे पहले शक के घेरे में आया. अधिकारियों ने दिखाया कि इस भूमि के लगभग 2 बीघा हिस्से पर अनुसूचित जाति के दो व्यक्तियों भाई लाल और बनवारी लाल का 2007 से पहले से कब्ज़ा था. इसी आधार पर 1,09,86,415 रुपये का मुआवजा जारी कर दिया गया. तत्कालीन लेखपाल ने पड़ोसियों के बयानों को आधार बनाकर दावा किया कि लाभार्थी पुराने कास्तकार थे. राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और एसडीएम ने भी उसी रिपोर्ट को सही मानते हुए मुआवजा दे दिया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 21:10:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shobhit Pandey]]></dc:creator>
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                <title>जमीन हड़पने की साजिश: यूपी के बस्ती जिले में किसान की जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री, सीडीपीओ और पत्नी का नाम!</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के खडौआजाट गांव में किसान बाबूराम चौधरी की जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई। आरोप सीडीपीओ और उनकी पत्नी पर, मामले की जांच जारी। जानिए पूरी खबर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/basti-news-live-in-hindi/conspiracy-to-grab-land-in-ups-basti-district-fake-registry/article-21223"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(26).png" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के खडौआजाट गांव में एक किसान बाबूराम चौधरी के साथ एक बड़ा जालसाजी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने फर्जी तरीके से उनकी जमीन की रजिस्ट्री करवा दी, और इसके लिए न केवल आधार कार्ड में नाम बदलवाया, बल्कि फर्जी गवाह भी खड़ा कर दिया। इस मामले में जो रजिस्ट्री हुई, वह सीडीपीओ और उनकी पत्नी के नाम पर की गई।</p>
<h2><strong>मुंबई से फरियाद करने पहुंचे पीड़ित बाबूराम</strong></h2>
<p>बताया जा रहा है कि बाबूराम चौधरी की जमीन पर कुछ जालसाजों ने अपनी नज़र डाल ली। पहले तो उन्होंने आधार कार्ड में नाम बदलवाया और फिर रजिस्ट्री विभाग से यह रजिस्ट्री करवा दी। यह पूरी प्रक्रिया बेहद धोखाधड़ी से की गई, जिसमें फर्जी गवाहों को खड़ा किया गया और पूरी योजना को अंजाम दिया गया।<br />इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बाबूराम चौधरी मुंबई से अपने घर लौटे और देखा कि उनकी जमीन की रजिस्ट्री बिना उनकी जानकारी के कर दी गई थी। बाबूराम ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी और अपनी शिकायत लेकर मुंबई से यहां फरियाद करने आए। उन्होंने इस धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
<h2><strong>सीडीपीओ और उनकी पत्नी के नाम पर हुआ बैनामा</strong></h2>
<p>रजिस्ट्री के बारे में और जानकारी मिलने पर यह पता चला कि जिस नाम पर रजिस्ट्री हुई थी, वह सीडीपीओ पद पर तैनात व्यक्ति और उसकी पत्नी के नाम पर की गई थी। यह पूरी प्रक्रिया न केवल धोखाधड़ी बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी। बाबूराम ने प्रशासन से न्याय की अपील की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।</p>
<h2><strong>आगे की कार्रवाई</strong></h2>
<p>बाबूराम चौधरी ने इस मामले को लेकर नगर थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस प्रशासन अब जांच कर रहा है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जालसाजों को गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला किसानों की ज़मीन और संपत्ति को लेकर होने वाली धोखाधड़ी की गंभीर स्थिति को उजागर करता है, जिसमें सरकारी अधिकारियों के नाम का भी दुरुपयोग किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category> Basti News </category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 16:47:59 +0530</pubDate>
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