<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://bhartiyabasti.com/baloch-movement/tag-2449" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Bhartiya Basti RSS Feed Generator</generator>
                <title>Baloch Movement - Bhartiya Basti</title>
                <link>https://bhartiyabasti.com/tag/2449/rss</link>
                <description>Baloch Movement RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बलूचिस्तान से मोदी को पुकार: पाकिस्तान में मची खलबली, भारत से मांगा वैश्विक समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[बलूचिस्तान से आई एक चिट्ठी ने पाकिस्तान की सत्ता में खलबली मचा दी है। ये कोई आम चिट्ठी नहीं, बल्कि एक ऐसा पत्र है जिसने इस्लामाबाद की नींदें उड़ा दी हैं। यह पत्र बलूचिस्तान के पूर्व मंत्री और अमेरिका में बलूच समुदाय की आवाज बन चुके डॉ ताराचंद बलूच ने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/modi-calls-modi-from-balochistan-sought-global-support-from-india/article-20240"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250525_142158.jpg" alt=""></a><br /><p>बलूचिस्तान से आई एक चिट्ठी ने पाकिस्तान की सत्ता में खलबली मचा दी है। ये कोई आम चिट्ठी नहीं, बल्कि एक ऐसा पत्र है जिसने इस्लामाबाद की नींदें उड़ा दी हैं। यह पत्र बलूचिस्तान के पूर्व मंत्री और अमेरिका में बलूच समुदाय की आवाज बन चुके डॉ ताराचंद बलूच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे लिखा है। इसमें उन्होंने भारत से नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन की भावुक अपील की है।</p>
<p>डॉ बलूच ने अपने पत्र में लिखा कि लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बलूचिस्तान का नाम लेना, बलूचों के लिए एक नई उम्मीद बन गया। उन्होंने लिखा कि बलूच जनता दशकों से पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों का शिकार हो रही है — उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, गायब किया जा रहा है, और मारा जा रहा है। बलूचों को लगता है कि अब उनकी अंतिम आशा भारत ही है।</p>
<p>बलूचिस्तान को 1948 में जबरन पाकिस्तान में मिलाया गया था और तभी से ये क्षेत्र विद्रोह और संघर्ष की आग में जलता रहा है। इस चिट्ठी में बताया गया है कि पाकिस्तान की फौज और जिहादी मिलिशिया मिलकर बलूच आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब, जब बलूच नेता ने खुलकर मोदी से समर्थन की अपील की है, पाकिस्तान में बेचैनी और डर साफ नजर आ रहा है।</p>
<p>डॉ ताराचंद ने अपने पत्र में यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ-साथ चीन भी बलूचिस्तान की जमीन को लूट रहा है। उन्होंने सीपीईसी (China Pakistan Economic Corridor) को एक औपनिवेशिक योजना बताया और लिखा कि यह सिर्फ एक आर्थिक परियोजना नहीं बल्कि बलूचों की जमीन हथियाने की साजिश है। ग्वादर पोर्ट और वहां के खनिज संसाधनों का दोहन चीन द्वारा किया जा रहा है, और पाकिस्तान उसका संरक्षक बना हुआ है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले वाले संबोधन को बलूच जनता ने अपना नैतिक बल माना है। ताराचंद बलूच ने लिखा कि अगर मोदी उस दिन बलूचिस्तान का जिक्र नहीं करते, तो शायद बलूचों की आवाज हमेशा के लिए दबा दी जाती। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह संदेश — “खून और पानी साथ नहीं बह सकते” — पाकिस्तान को झकझोर देने वाला था।</p>
<p>अब सवाल यह है कि भारत को इस स्थिति में क्या करना चाहिए?</p>
<p>बलूचिस्तान रणनीतिक रूप से बेहद अहम इलाका है। यह क्षेत्र न सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, बल्कि अरब सागर तक सीधी पहुंच भी देता है। यह भारत को पाकिस्तान और चीन के संयुक्त प्रभाव को चुनौती देने का मौका भी देता है।</p>
<p>डॉ ताराचंद का मानना है कि अगर भारत बलूच आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन देना शुरू करे, तो पाकिस्तान का एक और झूठ बेनकाब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र और सहयोगी बलूचिस्तान, भारत के लिए 21वीं सदी में एक भू-राजनीतिक गढ़ बन सकता है।</p>
<p>बलूचिस्तान से आई ये चिट्ठी सिर्फ एक नेता की अपील नहीं है — यह एक पूरे समुदाय की पुकार है। ताराचंद बलूच ने जो कहा, वह उस दर्द को सामने लाता है जिसे दशकों से बलूच लोग झेलते आ रहे हैं।</p>
<p>अब भारत के सामने चुनौती है — क्या वह इस पुकार को सुनेगा?</p>
<p>यह वक्त है जब भारत को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी। बलूचिस्तान की यह आवाज इंसानियत की अंतिम पुकार है — जिसे नजरअंदाज करना सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक भूल भी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/modi-calls-modi-from-balochistan-sought-global-support-from-india/article-20240</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/modi-calls-modi-from-balochistan-sought-global-support-from-india/article-20240</guid>
                <pubDate>Sun, 25 May 2025 14:22:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-05/20250525_142158.jpg"                         length="459893"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Akash Varun]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        