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                <title>UP Electricity News - Bhartiya Basti</title>
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                <title>यूपी में अगले महीने ज्यादा आएगा बिजली का बिल, जाने वजह</title>
                                    <description><![CDATA[Electricity bills will be higher in UP next month, know the reason, यूपी में अगले महीने ज्यादा आएगा बिजली का बिल, जाने वजह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/the-reason-for-electricity-bill-will-come-in-up-next/article-21114"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-07/uttar-pradesh-news-_20250530_114837_0000.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई में फिर से महंगा बिल भरना पड़ेगा. इस बार बिजली कंपनियां 1.97% की अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं से वसूलेंगी. अगर कोई उपभोक्ता जुलाई में 1000 रुपये की बिजली इस्तेमाल करता है, तो उसे 19.70 रुपये अधिक देना होगा.</p>
<p>यह अतिरिक्त पैसा अप्रैल महीने के लिए ईंधन और ऊर्जा खरीद समायोजन (एफपीसीए) अधिभार के रूप में लिया जाएगा. विशेष बात यह है कि 4 महीने में यह तीसरी बार है जब उपभोक्ताओं से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है.</p>
<h5>पहले भी लगाई जा चुकी है अतिरिक्त चार्ज</h5>
<ul>
<li>अप्रैल से ही उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर यह अधिभार जोड़ा जा रहा है.</li>
<li>मई में थोड़ी राहत मिली थी, जब अधिभार 2% घटाया गया था.</li>
<li>परंतु पिछले महीने जून में उपभोक्ताओं ने बिल पर 4.27% अतिरिक्त भुगतान किया था.</li>
</ul>
<p>जनवरी में नियामक आयोग ने बहुवर्षीय वितरण टैरिफ के तीसरे संशोधन के अंतर्गत बिजली कंपनियों को यह शुल्क वसूलने की मंजूरी दी थी.</p>
<p>आयोग ने आदेश में यह भी कहा था कि हर महीने के एफपीसीए अधिभार की वसूली 3 महीने बाद की जाएगी. यानी जुलाई में जो अधिभार वसूला जाएगा, वह अप्रैल के लिए है. जानकारी के अनुसार, जुलाई महीने में बिजली कंपनियां लगभग 187 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं से वसूल सकती हैं. इससे पहले जून में 390 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी.</p>
<p>राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस वसूली को अनुचित बताया. उन्होंने कहा कि "उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 33,122 करोड़ रुपये का बकाया है, इसके बावजूद उनसे बार-बार अधिभार वसूलना सही नहीं है."</p>
<p>उनका आरोप है कि बिजली कंपनियों ने आयोग से नियमों के खिलाफ जाकर अधिभार वसूलने का रास्ता बनवा लिया है. परिषद ने आयोग से मांग की है कि उपभोक्ताओं के बकाया में से ही इसका समायोजन किया जाए और केवल जरूरत के समय राहत दी जाए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 11:43:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shobhit Pandey]]></dc:creator>
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                <title>यूपी में बिजली चोरी रोकने वाले स्मार्ट मीटर ही निकले फर्जी!</title>
                                    <description><![CDATA[Smart meters to prevent electricity theft in UP turned out to be fake!, यूपी में बिजली चोरी रोकने वाले स्मार्ट मीटर ही निकले फर्जी!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/smart-meters-who-stopped-power-theft-in-up-turned-out/article-20887"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-06/uttar-pradesh-news-_20250601_192442_00002.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित कानपुर जिले में बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से शहर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब शक के घेरे में आ गए हैं. केस्को की छापामार टीम को हाल ही में चमनगंज इलाके में दो ऐसे स्मार्ट मीटर मिले हैं, जिनकी कोई जानकारी बिजली विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है. यह देखकर अफसर भी हैरान रह गए.</p>
<p>जांच में सामने आया कि ये मीटर करीब 4 साल पहले ईईसीएल नामक कंपनी ने लगाए थे, जो कि केस्को को स्मार्ट मीटर सप्लाई करती थी. अब जब इन मीटरों का कोई आधिकारिक डेटा नहीं मिला, तो पूरे विभाग में अफरा-तफरी मच गई. केस्को के प्रबंध निदेशक ने कंपनी से सभी 1.5 लाख मीटरों का पूरी जानकारी मांगी गई हैं.</p>
<p>बीते महीने चमनगंज क्षेत्र में केस्को की टीम ने जब छापा मारा, तो दो व्यापारियों:- अनीस (चप्पल कारोबारी) और मोहम्मद अहमद के घरों में ऐसे स्मार्ट मीटर पाए गए, जो न तो विभाग के सिस्टम में रजिस्टर्ड थे और न ही उनकी कोई वैध जानकारी उपस्थित थी.</p>
<p>जानकारी के अनुसार, ये मीटर केवल दिखावे के लिए लगाए गए थे, असल में उपभोक्ता मुफ्त में बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे. मीटर लगाने का काम निजी तौर पर किसी अनधिकृत तरीके से किया गया था.</p>
<p>केस्को ने इन उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और साथ ही मीटर लगाने वाली कंपनी से रिपोर्ट मांगी गई थी. परंतु कंपनी इन मीटरों से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दे सकी. अब इस पूरे मामले की सभी कड़ियां खुलने लगी हैं, और यह शक गहराता जा रहा है कि और भी जगहों पर बिना रिकॉर्ड वाले मीटर लगाए गए हो सकते हैं. इस गंभीर मामलें को देखते हुए केस्को ने पूरे कानपुर शहर में स्मार्ट मीटरों की गहन जांच शुरू कर दी है. </p>
<p>केस्को के प्रबंध निदेशक सैमुअल पाल एन ने इस विषय पर जानकारी दी है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी से सभी उपभोक्ताओं का डाटा मांगा गया है. हालांकि मामला कई साल पुराना हो गया है, इसलिए कंपनी को पुराने दस्तावेज खंगालने में थोड़ा समय लग सकता है. दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर भी इन मामलों की जांच चल रही है जिससे पूरे सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे.</p>
<p>जहां कहीं भी संदिग्ध मीटर होने की सूचना मिल रही है, वहाँ विभाग की टीम तुरंत पहुँचकर मीटर की जांच कर रही है. केस्को अधिकारियों ने बताया है कि यदि इस फर्जीवाड़े में किसी व्यक्ति, एजेंसी व कंपनी की भूमिका पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 21:01:47 +0530</pubDate>
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