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                <title>यूपी में जामा मस्जिद परिसर के 42 दुकानों में लगा ताला, नहीं जमा किया हाउस टैक्स</title>
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                        <![CDATA[42 shops in the Jama Masjid complex in UP were locked for not paying house tax, यूपी में जामा मस्जिद परिसर के 42 दुकानों में लगा ताला, नहीं जमा किया हाउस टैक्स]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/42-shops-in-jama-masjid-complex-in-up-locked-house/article-24436"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2026-02/uttar-pradesh-news_20260217_154011_0000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश:</strong> उत्तर प्रदेश में स्थित झांसी जिले के नगर निगम ने हाउस टैक्स की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बकायेदारों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. इसी क्रम में शनिवार को नगरा स्थित जामा मस्जिद परिसर की 42 दुकानों को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई तब हुई जब मस्जिद कमेटी द्वारा दुकानदारों से नियमित किराया लेने के बाद भी साल 2018 से नगर निगम को हाउस टैक्स जमा नहीं किया गया था.</p>
<p>नगर निगम की टीम के मौके पर पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई. कई दुकानदार अपनी दुकानें खुलवाने के लिए इधर-उधर भागदौड़ करते नजर आए. निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बकाया रखने वालों पर इसी तरह कार्रवाई होगी.</p>
<h4><strong>नोटिस के बाद भी नहीं हुआ भुगतान</strong></h4>
<p>नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के आदेश पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार अपनी टीम के साथ प्रेमनगर थाना क्षेत्र पहुंचे. जांच में सामने आया कि जामा मस्जिद परिसर की लगभग 40 दुकानों से हर महीने नियमित किराया वसूला जा रहा था, लेकिन टैक्स जमा नहीं किया गया.</p>
<p>नगर निगम द्वारा काफी बार नोटिस भेजकर बकाया जमा करने को कहा गया था. इसके बाद भी कोई भुगतान नहीं हुआ. मजबूर होकर निगम टीम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की. अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का पालन सभी पर समान रूप से लागू होता है.</p>
<h4><strong>दुकानदारों ने जताया विरोध</strong></h4>
<p>कार्रवाई के दौरान दुकानदारों में नाराजगी देखने को मिली. उनका कहना था कि वे समय से मस्जिद कमेटी को किराया देते रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करना गलत है.</p>
<p>दुकानदारों ने मौके पर कमेटी के जिम्मेदारों को बुलाने की कोशिश की, लेकिन कोई सदस्य वहां नहीं पहुंचा. इससे व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई.</p>
<h4><strong>2018 से लंबित था टैक्स</strong></h4>
<p>मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार के अनुसार साल 2018 से जामा मस्जिद की दुकानों पर करीब 4.5 लाख रुपये हाउस टैक्स बकाया था. कई बार नोटिस देने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ, इसलिए नियमानुसार दुकानों को सील किया गया. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही पूरा बकाया जमा होगा, दुकानों की सील खोल दी जाएगी.</p>
<h4><strong>दुकानदारों ने खुद भरा बकाया</strong></h4>
<p>स्थिति तब और गंभीर हो गई जब दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनसे हर महीने किराया लिया गया, लेकिन टैक्स जमा नहीं किया गया. कमेटी का कोई प्रतिनिधि सामने न आने पर व्यापारियों ने मजबूरी में अपनी जेब से बकाया राशि जमा कर दुकानों की सील खुलवाई.</p>
<p>इस घटना के बाद दुकानदारों में कमेटी के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ गई. कई व्यापारियों ने कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.</p>
<h4><strong>वक्फ बोर्ड तक जाएगी शिकायत</strong></h4>
<p>पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि दुकानों से वसूले गए किराए का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उनका आरोप है कि कमेटी ने पारदर्शिता नहीं बरती. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले की शिकायत वक्फ बोर्ड तक ले जाएंगे और कमेटी को भंग करने की मांग करेंगे. मौके पर बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया.</p>
<h4><strong>हंसारी जोन में भी बड़ी कार्रवाई</strong></h4>
<p>इधर, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के आदेश पर जोन-2 हंसारी में भी बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाया गया. इस्लामगंज स्थित मस्जिद मार्केट पर 3,66,598 रुपये गृहकर बकाया था.</p>
<p>नगर निगम की टीम जब सीलिंग की कार्रवाई के लिए पहुंची तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया. कार्रवाई के दौरान ही कमेटी के मैनेजर ने बकाया राशि जमा कर दी, जिसके बाद सीलिंग रोक दी गई.</p>
<h4><strong>अन्य बकायेदारों पर भी दबाव</strong></h4>
<p>नगर निगम की सख्ती का असर अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला. वार्ड नंबर 10 के महावीरन मोहल्ले में स्थित भवन संख्या 1920 को पहले बकाया के चलते सीज किया गया था. बाद में विवाहघर श्रीजी वाटिका के संचालकों ने 5,64,876 रुपये जमा कर दिए, जिसके बाद सील खोल दी गई.</p>
<p>नगर निगम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि हाउस टैक्स बकाया रखने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. अधिकारियों का कहना है कि नोटिस के बाद भी भुगतान न करने वालों पर सीधे सीलिंग और जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी, इसलिए सभी बकायेदार समय रहते अपना टैक्स जमा कर दें.</p>]]>
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                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 20:12:54 +0530</pubDate>
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                <title>झांसी में बिजली संकट ने बढ़ाई जनता की परेशानी, आधी रात को सड़क पर उतरे लोग</title>
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                        <![CDATA[झांसी में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जब गर्म हवाओं के थपेड़े थमने का नाम नहीं ले रहे, ऐसे में बिजली का साथ छोड़ जाना जनता के लिए ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/power-crisis-in-jhansi-increased-public-trouble/article-20087"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250518_233427.jpg" alt=""></a><br /><p>झांसी में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जब गर्म हवाओं के थपेड़े थमने का नाम नहीं ले रहे, ऐसे में बिजली का साथ छोड़ जाना जनता के लिए किसी दोहरी मुसीबत से कम नहीं है। पिछले कई दिनों से झांसी में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है।</p>
<p>शनिवार की रात यह नाराजगी तब फूट पड़ी जब झांसी के बीकेडी चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग आधी रात को सड़क पर उतर आए। महिलाएं हों या पुरुष, हर कोई बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से बेहद खफा नजर आया। किसी ने सड़क जाम कर दिया, तो कोई अपनी दवाइयां लेकर चादर बिछा कर वहीं लेट गया।</p>
<p>बिजली नहीं, तो चैन नहीं</p>
<p>प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि दिन में मुश्किल से कुछ घंटे ही बिजली मिल रही है। झांसी में पिछले एक हफ्ते से बिजली की ऐसी हालत हो गई है कि न दिन में चैन है, न रात में नींद। खास बात यह है कि इन सबके बीच प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा सका है।</p>
<p>एक स्थानीय वकील, जो खुद बीमार हैं और जिनकी बुजुर्ग माता भी बीमार हैं, ने बताया – "ना बिजली है, ना पंखा चलता है, ना नींद आती है, ना खाना बन पाता है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब विरोध करना मजबूरी हो गया है।"</p>
<p>अधिकारियों से उम्मीद भी खत्म</p>
<p>प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों से संपर्क किया, शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। जब रोज़ अखबारों में खबर छप रही है कि झांसी में बिजली नहीं है, तो यह बात अफसरों के संज्ञान में क्यों नहीं आती?</p>
<p>लोगों की मांग साफ है – या तो बिजली की सप्लाई दुरुस्त की जाए, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।</p>
<p>बिजली विभाग ने क्या कहा?</p>
<p>जब इस बारे में बिजली विभाग के जीएम से बात की गई तो उन्होंने इसका ठीकरा "बढ़ती गर्मी और ओवरलोडिंग" पर फोड़ दिया। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण लोड बढ़ गया है और इसी वजह से फॉल्ट ज्यादा हो रहे हैं। इन फॉल्ट को ठीक करने में समय लग रहा है और इस कारण सप्लाई बाधित हो रही है।</p>
<p>उनका कहना था – “हम लोग पूरी तत्परता से बिजली की समस्या को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। गर्मी के कारण फॉल्ट बढ़े हैं और कुछ जगह ओवरलोडिंग भी सामने आई है। जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा।”</p>
<p>क्या गर्मी की तैयारी पहले नहीं की गई थी?</p>
<p>जब अधिकारियों से सवाल किया गया कि क्या गर्मी से पहले पर्याप्त तैयारी की गई थी, तो उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान की गई थी, वहां रेड की जा रही है और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।</p>
<p>इसके बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि जब पिछली गर्मियों में भी 72 घंटे तक बिजली नहीं आई थी, तो इस बार तैयारी क्यों अधूरी रह गई? क्या विभाग ने पिछली बार की सीख से कुछ नहीं सीखा?</p>
<p>मैनपावर की भी कमी?</p>
<p>बिजली विभाग के जीएम ने स्वीकार किया कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या मानक के हिसाब से कम है। गर्मी के सीजन में अचानक बढ़े फॉल्ट के कारण कर्मचारियों पर दबाव बढ़ा है और मैनपावर की कमी भी महसूस की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया – “हमने अतिरिक्त कर्मचारियों को भी बुलाया है और हर फॉल्ट को जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश की जा रही है। हमारी पूरी टीम प्रयासरत है कि जल्द से जल्द जनता को राहत दी जा सके।”</p>
<p>जनता का संघर्ष कब तक?</p>
<p>लोगों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। एक प्रदर्शनकारी ने कहा – “जब तक जान में जान है, तब तक हम जनता के लिए संघर्ष करेंगे। हमें चैन से जीने का हक है। अगर बिजली विभाग यह नहीं दे सकता, तो उन्हें जिम्मेदारी से हट जाना चाहिए।”</p>
<p>सवाल यही – समाधान कब?</p>
<p>बिजली विभाग कह रहा है कि वह पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन ज़मीन पर हालात बदलते नजर नहीं आ रहे। सोशल मीडिया पर भी झांसी की बिजली कटौती को लेकर लोग खूब गुस्सा निकाल रहे हैं। इस सबके बीच प्रशासन का रवैया सुस्त और जनता का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है।</p>
<p>अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाता है। क्या झांसी की जनता को राहत मिल पाएगी या फिर गर्मी और अंधेरे में उनका संघर्ष यूं ही चलता रहेगा</p>]]>
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                                                            <category>India News</category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 23:35:20 +0530</pubDate>
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