<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://bhartiyabasti.com/chandrashekhar-azad/tag-2213" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Bhartiya Basti RSS Feed Generator</generator>
                <title>Chandrashekhar Azad - Bhartiya Basti</title>
                <link>https://bhartiyabasti.com/tag/2213/rss</link>
                <description>Chandrashekhar Azad RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रयागराज में सियासी बवाल! चंद्रशेखर को रोका तो भड़की भीड़, पुलिस पर पथराव, गाड़ियों में आग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज में भीम आर्मी समर्थकों ने किया हंगामा, चंद्रशेखर आज़ाद को रोकने के बाद भीड़ भड़की, पुलिस पर पथराव, गाड़ियों में आगजनी, 20 लोग हिरासत में, सख्त कार्रवाई जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/in-prayagraj-political-ruckus-chandrashekhar-was-stopped-and-fire-broke/article-21079"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-06/prayagraj--.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार को भारी बवाल हुआ। भीम आर्मी के चीफ और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के समर्थकों ने सड़कों पर जमकर हंगामा किया। करीब दो घंटे तक उपद्रवियों ने सड़कों पर तांडव मचाया। भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों पर हमला किया, पथराव किया और डायल 112 की गाड़ी को पलट दिया। रोडवेज बसों में तोड़फोड़ की गई और कई बाइकों को आग लगा दी गई।</p>
<h2><strong>क्यों भड़की भीड़?</strong></h2>
<p>बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर आज़ाद प्रयागराज से कौशांबी जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रयागराज में ही रोक लिया। इससे उनके समर्थक भड़क गए और करछना इलाके में जमकर हंगामा किया।</p>
<h2><strong>क्या-क्या नुकसान हुआ?</strong></h2>
<p>करछना के भड़ेवरा बाजार में उपद्रवियों ने आम लोगों पर भी पत्थर फेंके। इससे इलाके में भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए। भीड़ ने कई प्राइवेट और सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस की गाड़ियां भी निशाने पर रहीं।</p>
<h2><strong>पुलिस क्या कर रही थी?</strong></h2>
<p>जब भीड़ उग्र हुई तो सबसे पहले डायल 112 की टीम वहां से हट गई। फिर भुंडा चौकी और करछना थाने के पुलिसकर्मी भी पीछे हट गए। इसके बाद भीड़ ने बाजार में जमकर तोड़फोड़ की। बाद में एडिशनल सीपी डॉ. अजयपाल शर्मा मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी लेकर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शाम करीब 5:30 बजे हालात पर काबू पाया गया।</p>
<h2><strong>अब तक क्या कार्रवाई हुई?</strong></h2>
<p>पुलिस ने हिंसा करने वाले भीम आर्मी के 20 लोगों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बाकी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों पर NSA और गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी की है। साथ ही, हिंसा के दौरान जो सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ, उसकी भरपाई भी आरोपियों से करवाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/in-prayagraj-political-ruckus-chandrashekhar-was-stopped-and-fire-broke/article-21079</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/in-prayagraj-political-ruckus-chandrashekhar-was-stopped-and-fire-broke/article-21079</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 13:10:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-06/prayagraj--.jpg"                         length="237230"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harsh Sharma  ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेना की जाति पर सियासत: नेताओं के विवादित बयान और चंद्रशेखर आज़ाद की दो टूक</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना, जो देश की सुरक्षा में चौबीसों घंटे डटी रहती है, इन दिनों नेताओं के विवादित बयानों की वजह से सियासी बहस का केंद्र बन गई है। सेना के अफसरों की जाति और धर्म को ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/disputed-statement-of-political-leaders-on-the-caste-of-the/article-20086"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250518_233147.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय सेना, जो देश की सुरक्षा में चौबीसों घंटे डटी रहती है, इन दिनों नेताओं के विवादित बयानों की वजह से सियासी बहस का केंद्र बन गई है। सेना के अफसरों की जाति और धर्म को लेकर कुछ नेताओं द्वारा दिए गए बयानों ने न केवल सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है, बल्कि लोगों की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचाई है।</p>
<p>बीते दिनों मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने सेना की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी पर बेहद विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों और आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। इस बयान ने जबरदस्त विवाद खड़ा कर दिया और विरोध बढ़ने पर उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई।</p>
<p>इसके बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने मंच से भाषण देते हुए इस विवाद को और भड़काने वाला बयान दिया। उन्होंने न सिर्फ विजय शाह के बयान का हवाला दिया, बल्कि विंग कमांडर वमिका सिंह और एयर मार्शल अवधेश कुमार की जाति का उल्लेख कर विवाद को नई दिशा दे दी। रामगोपाल यादव ने वमिका सिंह को जाटव समुदाय से बताया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि एक अफसर को मुसलमान समझकर गाली दी गई, दूसरे को राजपूत समझकर छोड़ दिया गया, और तीसरे के बारे में जानकारी नहीं होने की वजह से उसे नजरअंदाज किया गया।</p>
<p>रामगोपाल यादव का यह कहना कि "तीनों अफसर तो पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) से थे", इस बात की ओर इशारा करता है कि बयान सिर्फ बयान नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ और जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश का हिस्सा हैं।</p>
<p>इन बयानों के बीच आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का जवाब सबसे संतुलित और सटीक रहा। उन्होंने साफ कहा,</p>
<p>&gt; “सेना की कोई जाति नहीं होती, सेना का कोई धर्म नहीं होता। हमें अनजाने में भी सेना का अपमान नहीं करना चाहिए। सेना के जवान हमारे गौरव हैं। वे हमारी सुरक्षा के लिए सीमाओं पर तैनात हैं और हम उनके बलिदान के कारण ही शांति से जीवन जी पा रहे हैं।”</p>
<p>इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या नेताओं को राजनीतिक लाभ के लिए सेना जैसे सम्मानित संस्थान को भी विवादों में घसीटना चाहिए? सेना हमेशा से धर्म, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर सिर्फ देश के लिए काम करती है। अफसर किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से हों, उनकी निष्ठा और समर्पण सिर्फ राष्ट्र के प्रति होता है।</p>
<p>जहां एक ओर राजनीतिक बयानबाजी सेना की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है, वहीं चंद्रशेखर आज़ाद जैसे नेता समाज को यह याद दिला रहे हैं कि देश पहले है, और सेना हमारे गौरव का प्रतीक है, ना कि वोट बैंक की राजनीति का मोहरा।</p>
<p>अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या बाकी राजनीतिक दल और नेता भी इस विषय पर संयम बरतेंगे, या फिर जाति और धर्म की चादर में देश की सुरक्षा करने वालों को लपेटने का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/disputed-statement-of-political-leaders-on-the-caste-of-the/article-20086</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/disputed-statement-of-political-leaders-on-the-caste-of-the/article-20086</guid>
                <pubDate>Sun, 18 May 2025 23:32:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-05/20250518_233147.jpg"                         length="471107"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Akash Varun]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        