<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://bhartiyabasti.com/temple-corridor-controversy/tag-2150" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Bhartiya Basti RSS Feed Generator</generator>
                <title>Temple Corridor Controversy - Bhartiya Basti</title>
                <link>https://bhartiyabasti.com/tag/2150/rss</link>
                <description>Temple Corridor Controversy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लखनऊ में 28 KM ग्रीन कॉरिडोर का काम रुका, मंदिर प्रबंधन ने बदल दिया पूरा प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[Work on the 28-km green corridor in Lucknow has stalled, with temple management revising the entire plan, लखनऊ में 28 KM ग्रीन कॉरिडोर का काम रुका, मंदिर प्रबंधन ने बदल दिया पूरा प्लान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/lucknow/temple-management-changed-the-entire-plan-in-lucknow/article-22918"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-10/uttar-pradesh-news-_20251001_134837_0000.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट, जो शहर के ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए था, अब मंदिर विवाद के कारण रुक गया है. निशातगंज से हनुमान सेतु तक निर्मित होने वाले इस हिस्से का काम स्मृति वाटिका चौराहे की वजह से रुका हुआ है.</p>
<h4><strong>चौराहे की रिडिजाइनिंग अटकी</strong></h4>
<p>स्मृति वाटिका चौराहे की नई डिजाइन तैयार की गई थी, परंतु इसमें मंदिर का लगभग 5 मीटर का हिस्सा आ रहा है. इसमें गोमती किनारे जाने वाली सीढ़ियाँ और नीचे बने कमरे शामिल हैं. जबकि मंदिर का बाकी हिस्सों को छुआ भी नहीं जाएगा. चौड़ाई बढ़ाने के लिए जमीन की आवश्यकता है, लेकिन अब मंदिर प्रबंधन विरोध कर रहा है, जिससे पूरा कार्य बाधित हो गया है.</p>
<h4><strong>जून में मिलनी थी राहत, सितंबर खत्म फिर भी काम अधूरा</strong> </h4>
<p>इसी साल 8 अप्रैल को तत्कालीन डीएम विशाख जी ने निरीक्षण के दौरान दावा किया था कि जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा और जुलाई से ग्रीन कॉरिडोर चालू हो जाएगा. परंतु अब सितंबर का महीना समाप्त हो चुका है और काम अब भी ठप पड़ा है. हालात देखकर लगता है कि नए साल तक भी इस रूट पर वाहनों का संचालन मुश्किल होगा.</p>
<h4><strong>बाकी हिस्सों का काम लगभग पूरा</strong></h4>
<p>ग्रीन कॉरिडोर का पहला फेज आईआईएम रोड से पक्का पुल (7 किमी) तक पूरा कर लिया गया है. दूसरा फेज पक्का पुल से पिपराघाट (9 किमी), तीसरा फेज पिपराघाट से शहीद पथ (6 किमी) और चौथा फेज शहीद पथ से किसान पथ (6 किमी) तक बनाया जा रहा है.</p>
<h4><strong>अधिकारियों का दावा, जल्द मिलेगी सुविधा</strong></h4>
<p>अधिकारियों के अनुसार, समतामूलक चौक से निशातगंज तक का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा है. प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने इस विषय पर जानकारी दी है कि मंदिर प्रबंधन से बातचीत का समाधान निकलते ही काम फिर शुरू होगा. मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा ने बताया कि निशातगंज से हनुमान सेतु वाला हिस्सा इस साल के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा. उनका दावा है कि नए साल में इस रूट पर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा.</p>
<h4><strong>शहरवासियों की उम्मीदें</strong></h4>
<p>लखनऊ के लोगों को इस ग्रीन कॉरिडोर से काफी उम्मीदें हैं. 28 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन कॉरिडोर गोमती नदी के किनारे बनाया जा रहा है. इससे ट्रैफिक दबाव कम होने के साथ-साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों को तेज रफ्तार से जोड़ेगा. हालांकि मंदिर विवाद के कारण वर्तमान में यह कार्य मुश्किल है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/lucknow/temple-management-changed-the-entire-plan-in-lucknow/article-22918</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/lucknow/temple-management-changed-the-entire-plan-in-lucknow/article-22918</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 16:10:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-10/uttar-pradesh-news-_20251001_134837_0000.png"                         length="528061"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Shobhit Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश के वृंदावन में कॉरिडोर निर्माण से मचा हड़कंप, दुकानदार क्यों नाराज़?</title>
                                    <description><![CDATA[हम इस समय वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के गेट नंबर दो पर खड़े हैं, जहां से श्रद्धालु दर्शन के लिए जाते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर को]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/why-the-shopkeeper-was-angry-with-the-construction-of-a/article-20054"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250516_231558.jpg" alt=""></a><br /><p>हम इस समय वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के गेट नंबर दो पर खड़े हैं, जहां से श्रद्धालु दर्शन के लिए जाते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर हरी झंडी दे दी है, लेकिन इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों, दुकानदारों और भक्तों के मन में भारी चिंता है।</p>
<p>बांके बिहारी मंदिर के पास स्थित पेड़े की दुकान चलाने वाले अंशुल सारसत का कहना है कि यह कॉरिडोर स्थानीय लोगों के लिए नहीं बल्कि वीआईपी और वीवीआईपी के लिए बनाया जा रहा है। "काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल कॉरिडोर में भीड़ नियंत्रित नहीं हुई, यहां भी ऐसा ही होगा। आमजन को कोई लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि रोज़गार और धार्मिक विरासत का भारी नुकसान होगा।"</p>
<p>कॉरिडोर के निर्माण में 14 से 48 मकान और दुकानें प्रभावित होंगी। अंशुल ने बताया कि उनका पूरा परिवार इसी दुकान पर निर्भर है, और 30-40 हजार रुपये की मासिक कमाई से ही घर चलता है। "अगर दुकान गई तो सबकुछ खत्म हो जाएगा," वे कहते हैं।</p>
<p>दूसरे दुकानदार विष्णु कहते हैं, "ये दुकान करीब 60-65 साल पुरानी है, हमारे बाबा यहां से बेचते थे, फिर पापा और अब हम। अगर दुकान हटी तो रोज़ी-रोटी पूरी तरह से छिन जाएगी।"</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे ब्रज क्षेत्र में सैकड़ों मंदिर हैं, और कॉरिडोर निर्माण के चलते करीब 500 मंदिरों को नुकसान हो सकता है। "एक मंदिर को व्यवस्थित करने के लिए सैकड़ों मंदिरों को तोड़ना क्या उचित है?" यह सवाल लोग सरकार से पूछ रहे हैं।</p>
<p>कुछ लोगों ने यह भी मांग की है कि अगर सरकार दुकानें और मकान ले रही है तो उतने ही मूल्य की वैकल्पिक दुकानें दी जाएं — वो भी कॉरिडोर क्षेत्र के भीतर। वरना पूरा क्षेत्र उजड़ जाएगा और वृंदावन की पारंपरिक गलियां, मंदिर, और व्यापार खत्म हो जाएंगे।</p>
<p>कुल मिलाकर, बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर ज़मीन पर गहरा असंतोष है। स्थानीय जनता धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक संकट की आशंका में है, और यही कह रही है कि "हम ठाकुर जी के भरोसे हैं, बाकी कोई उम्मीद नहीं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                            <category> Basti News </category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/why-the-shopkeeper-was-angry-with-the-construction-of-a/article-20054</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/why-the-shopkeeper-was-angry-with-the-construction-of-a/article-20054</guid>
                <pubDate>Fri, 16 May 2025 23:16:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-05/20250516_231558.jpg"                         length="397765"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Akash Varun]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        