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                <title>akhilesh-yadav - Bhartiya Basti</title>
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                <description>akhilesh-yadav RSS Feed</description>
                
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                <title>सामूहिक विवाह में BJP की लूट? खाना देखकर मची भगदड़, अखिलेश यादव ने उड़ाया मज़ाक, Video वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी से सामने आईं कुछ तस्वीरें और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। ये नजारे किसी गली-मोहल्ले के भंडारे या गांव के भोज के नहीं हैं, बल्कि मुख्यमंत्री सामूहिक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/akhilesh-yadav-a-stampede-at-the-mass-marriage-rose-a/article-20051"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250516_211143.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी से सामने आईं कुछ तस्वीरें और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। ये नजारे किसी गली-मोहल्ले के भंडारे या गांव के भोज के नहीं हैं, बल्कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के हैं।</p>
<p>यह दृश्य न केवल कार्यक्रम की अव्यवस्था को उजागर करता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।</p>
<p>वाराणसी के हरहुआ इलाके में स्थित काशी कृषक इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 193 जोड़ों की शादी कराई गई। इस मौके पर राज्य सरकार की ओर से स्टेट मिनिस्टर रविंद्र जायसवाल, अजगरा विधायक टी राम और एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा जैसे कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंच से सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की गई, नवविवाहितों पर पुष्पवर्षा भी की गई, और खूब वाहवाही लूटी गई।</p>
<p>लेकिन जैसे ही कार्यक्रम का भोजन शुरू हुआ, पूरा माहौल एकदम से बदल गया।</p>
<p>भोजन वितरण की व्यवस्था इतनी बदहाल थी कि खाने की लाइन में अफरातफरी मच गई। जिस तरह लोग खाने पर टूट पड़े, वो किसी लूट जैसे नजारे की तस्वीरें पेश कर रहा था। खाने के कूपन जरूर बांटे गए थे, लेकिन व्यवस्था इतनी कमजोर थी कि न तो समय पर खाना पहुंच पाया और न ही सभी को समान रूप से भोजन मिला।</p>
<p>किसी की थाली में पूरी थी तो सब्जी नहीं, कहीं सब्जी थी तो पूरी गायब। कुछ लोगों को चावल तो मिला लेकिन दाल नहीं। इससे हंगामे की स्थिति बन गई और कई बाराती व घराती खुद ही बर्तनों से खाना उठाकर ले जाने लगे। ये सब उस वक्त हो रहा था जब कार्यक्रम स्थल पर मंत्री और विधायक मौजूद थे, लेकिन व्यवस्था में लगे कर्मचारी नदारद हो गए थे।</p>
<p>इस शर्मनाक स्थिति का वीडियो लगभग 4 मिनट का है, जिसे समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर शेयर कर दिया। वीडियो के साथ उन्होंने सरकार पर करारा कटाक्ष करते हुए लिखा —</p>
<p>"भ्रष्टाचार के लिए भाजपाइयों का पेट सुरसा के मुंह जैसा है। अब क्या कन्यादान का भी खा गए? यह तो प्रधान संसदीय क्षेत्र का हाल है।"</p>
<p>उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले की जांच कौन करेगा? वाराणसी वाले इंजन या दिल्ली वाले इंजन? यह सीधा-सीधा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र पर निशाना था, जहां सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम की इस तरह की दुर्गति हुई।</p>
<p>इस वायरल वीडियो के बाद सरकार की फजीहत होना तय था। लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। केवल इतना कहा जा रहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या ऐसे कार्यक्रम केवल राजनीतिक शो ऑफ बनकर रह गए हैं?</p>
<p>सामूहिक विवाह योजना एक नेक पहल है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग देना है। लेकिन जब ऐसे आयोजनों में अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और लापरवाही दिखती है, तो इसका असर सीधे उन परिवारों पर पड़ता है जो सरकार पर भरोसा करके अपनी बेटियों की शादी करवाते हैं।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम से यह बात साफ हो गई है कि आयोजन केवल मंच और फूलों की सजावट से नहीं चलते। असली परीक्षा उस समय होती है जब हजारों लोगों को व्यवस्थित तरीके से संभालना हो, उन्हें सम्मानजनक तरीके से भोजन मिले, और किसी को अपमान का सामना न करना पड़े।</p>
<p>यह घटना केवल प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि यह एक पूरी योजना पर जनता के विश्वास को डगमगाने वाली स्थिति है।</p>
<p>अखिलेश यादव द्वारा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना लाजमी है, क्योंकि इससे सरकार की नाकामी उजागर होती है। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है कि खुद सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।</p>
<p>अगर ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाती रहीं, तो यह योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगी और जनता का भरोसा पूरी तरह से टूट जाएगा।</p>
<p>फिलहाल, प्रशासन की तरफ से जांच बैठा दी गई है। लेकिन यह भी देखने वाली बात होगी कि जांच निष्पक्ष होती है या केवल औपचारिकता निभाने के लिए की जाती है।</p>
<p>जब मामला प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा हो, तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। लोगों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि दोषियों को सजा मिलती है या नहीं।</p>
<p>एक ओर जहां सरकार इस योजना को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनवाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कड़वे अनुभव आम जनता के बीच नाराजगी और अविश्वास की भावना को जन्म देते हैं।</p>
<p>इस कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़े जिस अपमान का अनुभव लेकर लौटे होंगे, उसकी भरपाई केवल जांच से नहीं हो सकती।</p>
<p>सवाल उठता है कि क्या हम भविष्य में ऐसी अव्यवस्था को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे? या हर बार एक वीडियो वायरल होने का इंतजार करेंगे?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 21:12:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Akash Varun]]></dc:creator>
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                <title>जब चाहूं, ले आऊं अखिलेश को बीजेपी में! साक्षी महाराज का बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[राजनीति में बयान कभी हल्के नहीं होते, खासकर जब वो साक्षी महाराज जैसे नेता दें। इस बार उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने सीधा दावा ठोकते हुए कहा है कि अगर वे चाहें, तो अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/i-will-bring-akhilesh-to-sakshi-maharajs-big-claim-in/article-19998"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250513_232112.jpg" alt=""></a><br /><p>राजनीति में बयान कभी हल्के नहीं होते, खासकर जब वो साक्षी महाराज जैसे नेता दें। इस बार उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने सीधा दावा ठोकते हुए कहा है कि अगर वे चाहें, तो अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव जैसे सीनियर नेताओं को भी बीजेपी या एनडीए में शामिल कर सकते हैं।</p>
<p>साक्षी महाराज ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और यादव परिवार से उनका पुराना और गहरा संबंध है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि 1999 में जब अखिलेश यादव पहली बार राजनीति में आए थे, तब कन्नौज से उनका नामांकन खुद साक्षी महाराज ने ही कराया था। यानी उन्होंने कहा – "मैंने ही अखिलेश को एमपी बनवाया था।"</p>
<p>साक्षी महाराज ने कहा कि स्व. मुलायम सिंह यादव ने भी एक बार संसद में कहा था, “अगर राजनीति करनी है, तो साक्षी महाराज की आज्ञा माननी होगी।” यह बात उन्होंने सांसदों के सामने कही थी। साक्षी महाराज का दावा है कि यादव परिवार के सभी बड़े नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं – चाहे वो रामगोपाल हों या शिवपाल यादव। उन्होंने कहा कि शिवपाल तो एक बार बीजेपी के करीब आ चुके हैं और "पुराने ग्राहक" हैं, समझदार हैं।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने भी तंज कसते हुए बयान दिया था कि वो जब चाहें, तो साक्षी महाराज को समाजवादी पार्टी में ले आएं। उन्होंने यह भी कहा था कि "जाति जनगणना" जैसे मुद्दे भी साक्षी महाराज के दबाव में ही आगे बढ़े हैं।</p>
<p>इसके जवाब में साक्षी महाराज ने पलटवार करते हुए कहा, "जिस दिन मैं चाहूं, उस दिन अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी या कम से कम एनडीए में शामिल हो सकते हैं। मैं परिवार का मुखिया हूं, सब मेरा सम्मान करते हैं।" उन्होंने कहा, "मैं उनसे आग्रह करूंगा, निवेदन करूंगा – और वो साथ आ जाएंगे।"</p>
<p>साक्षी महाराज के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अब तक समाजवादी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह बयान एक बार फिर बता गया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में रिश्तों की गर्मी और बयानबाज़ी की ठंडक दोनों एक साथ चलती हैं।</p>
<p>अब जनता की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या वाकई कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर होगा, या फिर यह भी महज़ एक "राजनीतिक स्क्रिप्ट" है, जिसमें हर बार की तरह डायलॉग ही हिट होंगे – और एक्शन? शायद इंतज़ार करना पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                            <category> Basti News </category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 23:21:44 +0530</pubDate>
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