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                <title>UP के इस शहर में दो बड़े पुल को मिली मंजूरी, 313 पेड़ काटने पर शुरू हुआ नया विवाद!</title>
                                    <description><![CDATA[Two major bridges have been approved in this UP city, sparking a new controversy over the cutting of 313 trees, UP के इस शहर में दो बड़े पुल को मिली मंजूरी, 313 पेड़ काटने पर शुरू हुआ नया विवाद!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/approval-for-two-big-bridges-in-this-city-of-up/article-23476"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-11/uttar-pradesh-news-_20251029_121453_0000.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश: </strong>उत्तर प्रदेश में स्थित यमुना किनारे बसे रेणुका धाम क्षेत्र में बने रहे पुल को लेकर एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है. निर्माण गतिविधियों को लेकर पहले हुई कार्रवाई, नए पेड़ लगाने की प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट, सब कुछ अब नई दिशा की ओर बढ़ रहा है.</p>
<h4><strong>बिना अनुमति शुरू हुआ काम</strong></h4>
<p>कुछ समय पहले बिना अंतिम अनुमति लिए रेणुका धाम क्षेत्र में यमुना नदी पर पुल निर्माण शुरू कर दिया गया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सेतु निगम पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. इसके बाद पूरी परियोजना की पर्यावरणीय जांच तेज हुई.</p>
<h4><strong>सेतु निगम ने दिखाई तत्परता, बड़े पैमाने पर पौधरोपण</strong></h4>
<p>सीईसी की जांच रिपोर्ट के बाद सेतु निगम ने नुकसान की भरपाई के लिए 3,130 पौधे लगाने का काम पूरा किया.</p>
<ul>
<li>प्रोजेक्ट मैनेजर आर.बी. दिवाकर द्वारा हलफनामा भी दाखिल किया गया.</li>
<li>कुल 9.699 हेक्टेयर भूमि पर वृक्षारोपण जंगलात विभाग की निगरानी में किया गया है</li>
<li>इसके लिए विभाग को एक करोड़ रुपये भी दिए गए हैं.</li>
<li>10 साल तक इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सेतु निगम ही उठाएगा.</li>
</ul>
<h4><strong>बिचपुरी रेल फाटक पर भी निर्माण</strong></h4>
<p>रेणुका धाम के साथ-साथ बोदला-बिचपुरी मार्ग पर स्थित बिचपुरी रेल फाटक के ऊपर ओवरब्रिज परियोजना भी पर्यावरणीय मंज़ूरी के लिए भेजी गई थी. अब दोनों निर्माण कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण सिफारिश सामने आई है.</p>
<h4><strong>पेड़ काटने को लेकर नई मंजूरियाँ</strong></h4>
<p>पहले, सेतु निगम ने रेणुका धाम–बल्देव मार्ग और बिचपुरी ओवरब्रिज के लिए 4,979 पेड़ काटने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे फरवरी में सीईसी ने खारिज कर दिया था. इसके बाद—</p>
<ul>
<li>पुल का नया अलाइनमेंट तय किया गया.</li>
<li>सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन के ऊपर से पुल लाने का प्रस्ताव तैयार किया गया.</li>
<li>इस परिवर्तन से एक भी पेड़ काटने की ज़रूरत नहीं पड़ी.</li>
</ul>
<p>अब सीईसी ने ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि "कुल 313 पेड़ काटने की अनुमति दी जा सकती है, बशर्ते सभी पर्यावरणीय शर्तों का सही पालन हो."</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, सेतु निगम ने पर्यावरण नियमों का पालन करते हुए जरूरी कार्य पूरे कर दिए हैं. इसी आधार पर, यमुना नदी पर रेणुका धाम क्षेत्र में पुल निर्माण तथा बिचपुरी रेल फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण, के लिए 313 पेड़ों की कटाई की अनुमति देने की सिफारिश की गई है. इससे पहले बिना अनुमति काम शुरू करने पर लगे 5 लाख रुपये जुर्माने और पेड़ लगाने के दायित्व को निगम ने पूरा कर दिया है. नई मंजूरी के बाद अब दोनों बड़े प्रोजेक्ट आगे बढ़ने की ओर हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 12:52:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shobhit Pandey]]></dc:creator>
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                <title>UP के इस जिले में स्कूल के मैदान में हो रही थी रामलीला, हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, अब आया ये आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[UP के इस जिले में स्कूल के मैदान में हो रही थी रामलीला, हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, अब आया ये आदेश,Supreme Court stays order of Allahabad High Court which stopped Ramlila celebrations in Firozabad Uttar Pradesh]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/supreme-court-stays-order-of-allahabad-high-court-which-stopped-ramlila-celebrations-in-firozabad-uttar-pradesh/article-22840"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-09/supreme-court-stays-an-order-of-the-allahabad-high-court-.jpg" alt=""></a><br /><p>सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद स्थित एक स्कूल के मैदान में चल रहे रामलीला समारोह पर रोक लगा दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूँकि समारोह शुरू हो चुका है, इसलिए यह इस शर्त के साथ जारी रहेगा कि छात्रों को कोई असुविधा न हो.</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह जिला प्रशासन से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कहे और ऐसे समारोहों के लिए कोई वैकल्पिक स्थल चिन्हित करे ताकि स्कूलों के खेल के मैदानों का उपयोग केवल छात्र ही कर सकें.</p>
<p>जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने इस शर्त पर उत्सव जारी रखने की अनुमति दी कि छात्रों को कोई असुविधा न हो. बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश के उस पैराग्राफ पर रोक लगाते हुए कहा, "हालांकि हम स्कूल परिसर में धार्मिक उत्सव आयोजित करने की अनुमति नहीं देते हैं, लेकिन यह रामलीला पिछले 100 वर्षों से चली आ रही है और इस वर्ष उत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ है."</p>
<p>बेंच ने श्री नगर रामलीला महोत्सव द्वारा दायर याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट से जिला प्रशासन को भविष्य में किसी अन्य स्थल के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश देने का अनुरोध किया.</p>
<h3><strong>फिरोजाबाद का क्या है मामला?</strong></h3>
<p>बेंच ने हाईकोर्ट से कहा कि वह अगली सुनवाई की तारीख पर अन्य हितधारकों के साथ श्री नगर रामलीला महोत्सव की सुनवाई करे और किसी अन्य स्थल के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करे.</p>
<p>शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता प्रदीप सिंह राणा को भी फटकार लगाई कि उन्होंने अपनी शिकायत पहले नहीं की और 14 सितंबर को उत्सव शुरू होने के बाद ही मामला दायर किया. बेंच ने जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता से कहा, "न तो आप छात्र हैं और न ही छात्रों के अभिभावक, उत्सव रोकने में आपकी क्या रुचि है?"</p>
<p>जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता ने दलील दी कि कंक्रीट की दीवार बनने के बाद ही उन्होंने उत्सव पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 13:18:53 +0530</pubDate>
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