<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://bhartiyabasti.com/political-reactions/tag-1931" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Bhartiya Basti RSS Feed Generator</generator>
                <title>Political Reactions - Bhartiya Basti</title>
                <link>https://bhartiyabasti.com/tag/1931/rss</link>
                <description>Political Reactions RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम योगी ने बताया किस तरह भारत सुरक्षा को लेकर हो रहा  आत्मनिर्भर</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच अब एक अहम मोड़ आया है। दोनों देशों ने युद्ध विराम पर सहमति जताई है, जिससे सीमा पर हो रही गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों पर फिलहाल विराम लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/cm-yogi-told-how-self-sufficient-about-india-security/article-19927"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250511_224920.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच अब एक अहम मोड़ आया है। दोनों देशों ने युद्ध विराम पर सहमति जताई है, जिससे सीमा पर हो रही गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों पर फिलहाल विराम लगा है।</p>
<p>हालांकि सवाल यह उठता है कि जो विपक्ष अभी तक सरकार के साथ खड़ा था और पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग कर रहा था, क्या वह अब संघर्ष विराम के फैसले से भी सहमत है?</p>
<p>इस मुद्दे पर विपक्ष के कई बड़े नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जो यह संकेत देती हैं कि शांति की दिशा में उठाए गए कदमों का स्वागत तो हो रहा है, लेकिन कुछ गंभीर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया: अमेरिका को दिया धन्यवाद</p>
<p>पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस संघर्ष विराम पर प्रतिक्रिया देते हुए सबसे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और इसी के चलते दोनों देशों में शांति समझौता संभव हो पाया।</p>
<p>महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सबसे ज्यादा तकलीफ जम्मू-कश्मीर के लोगों को होती है, क्योंकि युद्ध की सारी मार सबसे पहले सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को झेलनी पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले के बाद शायद लोग लंबे समय बाद चैन की नींद सो पाएंगे</p>
<p>उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी: देरी से हुआ फैसला</p>
<p>जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए कहा कि अगर यह फैसला दो-तीन दिन पहले लिया गया होता, तो कई लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने जम्मू, पुंछ और रजौरी जैसे इलाकों में हुए नुकसान पर चिंता जताई और सरकार से अपील की कि वह तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करे।</p>
<p>उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को निर्देश देने की मांग की कि नुकसान का आकलन किया जाए और जिन परिवारों को क्षति हुई है, उन्हें राहत दी जाए।</p>
<p>कपिल सिब्बल: निर्दोषों की जान अब नहीं जाएगी</p>
<p>राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अब निर्दोष लोगों की जानें नहीं जाएंगी। उन्होंने संघर्ष विराम का स्वागत किया, लेकिन साथ ही पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करे, क्योंकि जब तक आतंकी गतिविधियां बंद नहीं होतीं, तब तक यह संघर्ष अस्थायी ही रहेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि असली समाधान तभी संभव है जब पाकिस्तान अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी कैंपों को पूरी तरह खत्म करे।</p>
<p>अखिलेश यादव: शांति भी जरूरी, संप्रभुता भी</p>
<p>समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक ट्वीट के माध्यम से कहा कि "शांति सर्वोपरि है और संप्रभुता भी।" उनका यह बयान इस ओर इशारा करता है कि वे संघर्ष विराम का समर्थन करते हैं, लेकिन भारत की सुरक्षा और गरिमा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस की मांग: सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र</p>
<p>कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि युद्ध विराम की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए, जिसमें पिछले 18 दिनों की घटनाओं पर चर्चा की जाए। यह सत्र यह स्पष्ट करेगा कि भारत को क्या हासिल हुआ और क्या नुकसान हुआ।</p>
<p>कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस विषय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम की जानकारी भारतीय नागरिकों को अमेरिकी राष्ट्रपति के जरिए मिली, जो असहज करने वाली बात है। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार संसद के माध्यम से देश को बताएं कि पिछले कुछ दिनों में क्या हुआ, और क्या यह निर्णय देश के हित में है।</p>
<p>मनोज झा: भारत ने कभी युद्ध नहीं चाहा</p>
<p>आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि भारत ने कभी युद्ध नहीं चाहा, हमेशा हम पर युद्ध थोपा गया है। लेकिन जब भी युद्ध हुआ, हमने साहस और बहादुरी के साथ लड़ा। उन्होंने कहा कि सेना ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि पाकिस्तान की ओर से नागरिक क्षेत्रों पर हमला किया गया।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि यह फर्क भारत और पाकिस्तान की सैन्य सोच को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए और सेना के पराक्रम की प्रशंसा के साथ-साथ एक स्पष्ट संदेश दिया जाए।विपक्ष का समर्थन, लेकिन सवाल भी</p>
<p>विपक्ष की अधिकतर प्रतिक्रियाएं शांति की दिशा में उठाए गए इस कदम का समर्थन करती हैं, लेकिन सरकार से पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भी मांग की जा रही है। महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, कपिल सिब्बल, अखिलेश यादव, जयराम रमेश, पवन खेड़ा और मनोज झा जैसे नेताओं की टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि शांति की जरूरत सभी को है, लेकिन देश की सुरक्षा और संप्रभुता भी उतनी ही जरूरी मानी जा रही है।</p>
<p>अब यह देखना होगा कि यह संघर्ष विराम सिर्फ अस्थायी पड़ाव बनकर रह जाता है या वास्तव में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में एक स्थायी सुधार की ओर इशारा करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>India News</category>
                                            <category> Basti News </category>
                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                            <category>Bihar news</category>
                                            <category>सिद्धार्थनगर News</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Gorakhpur news</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/cm-yogi-told-how-self-sufficient-about-india-security/article-19927</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/cm-yogi-told-how-self-sufficient-about-india-security/article-19927</guid>
                <pubDate>Sun, 11 May 2025 22:49:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-05/20250511_224920.jpg"                         length="326055"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Akash Varun]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Akhilesh Yadav ने कह दी बड़ी बात, सीधे किया इस नेता को टारगेट – पाकिस्तान को दी खुली चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार और सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना को खुला समर्थन दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/akhilesh-yadav-said-that-this-leader-has-a-big-thing/article-19901"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-05/20250510_233504.jpg" alt=""></a><br /><p>हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार और सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना को खुला समर्थन दिया है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि “आतंकवाद खत्म हो, हमारी सीमाएं सुरक्षित रहें और हमारी फौज का मनोबल बढ़े – आज यही समय की मांग है।” उन्होंने पाकिस्तान की नापाक हरकतों की कड़ी आलोचना करते हुए साफ किया कि भारतीय सेना जैसे कठोर हालातों में भी देश की रक्षा कर रही है, वैसा काम दुनिया की कोई भी फौज नहीं कर सकती।</p>
<p>अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि चाहे सियाचिन की बर्फबारी हो या राजस्थान की गर्मी, माइनस 50 से प्लस 50 डिग्री के बीच काम करने वाली हमारी सेना सबसे बहादुर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सेना और सरकार को आतंकवाद खत्म करने के लिए जो भी कदम उठाना हो, समाजवादी पार्टी का समर्थन उनके साथ है।</p>
<p>इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी एकता की भावना देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों एक सुर में बोलते हुए आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसी कड़ी में पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी और कहा कि नया भारत अब किसी भी हमले का जवाब उसकी "मांद" में घुसकर देता है।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। दावा है कि इस ऑपरेशन में 70 से 100 आतंकवादी मारे गए। इनमें मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों की मौत की भी खबर है। हिजबुल और लश्कर जैसे संगठनों के ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह कर दिया गया।</p>
<p>इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं। श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर जैसे शहरों पर हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।</p>
<p>जवाबी कार्रवाई में भारत ने लाहौर के एयर डिफेंस सिस्टम को भी तबाह कर दिया। भारत का यह कदम साफ दर्शाता है कि अब आतंक के खिलाफ उसकी नीति सख्त हो गई है।</p>
<p>अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। यह दिखाता है कि राजनीति भले अलग-अलग हो, लेकिन जब बात देश की सुरक्षा की आती है, तो हर दल एकजुट है।</p>
<p>भारत ने कभी किसी देश पर पहले हमला नहीं किया, लेकिन अगर कोई भारत की शांति में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो अब उसे करारा जवाब मिलेगा। विकसित भारत अब चुप नहीं बैठता, जवाब देता है – यही संदेश अखिलेश यादव और बाकी नेताओं ने अपने बयानों के जरिए दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/akhilesh-yadav-said-that-this-leader-has-a-big-thing/article-19901</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/akhilesh-yadav-said-that-this-leader-has-a-big-thing/article-19901</guid>
                <pubDate>Sat, 10 May 2025 23:35:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-05/20250510_233504.jpg"                         length="376881"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Akash Varun]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        