<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://bhartiyabasti.com/business-news-in-hindi/tag-173" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Bhartiya Basti RSS Feed Generator</generator>
                <title>business news in hindi - Bhartiya Basti</title>
                <link>https://bhartiyabasti.com/tag/173/rss</link>
                <description>business news in hindi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Personal Loan Alert: लोन नहीं चुकाया तो बैंक उठा सकता है ये बड़ा कदम! जानें नियम और बचाव के तरीके</title>
                                    <description><![CDATA[Personal Loan Alert: If you do not repay the loan, the bank can take this big step! Know the rules and ways to avoid it, Personal Loan Alert: लोन नहीं चुकाया तो बैंक उठा सकता है ये बड़ा कदम! जानें नियम और बचाव के तरीके]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/business/if-personal-loan-alert-does-not-repay-the-loan-the/article-20900"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-06/uttar-pradesh-personal-loan-.jpg" alt=""></a><br /><p>आजकल पर्सनल लोन लेना आसान हो गया है, लेकिन अगर इसे समय पर नहीं चुकाया गया तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। लोन चुकाने में चूक यानी डिफॉल्ट करने पर आपको आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कानूनी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि अगर आप पर्सनल लोन नहीं चुकाते हैं तो क्या-क्या हो सकता है।</p>
<p>अगर आप पर्सनल लोन समय पर नहीं चुकाते हैं, तो इसका असर सबसे पहले आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाता है, जिससे आगे चलकर आपको किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से लोन लेना बहुत मुश्किल हो सकता है। बैंक आपको भरोसेमंद ग्राहक नहीं मानते।</p>
<h6><strong>कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है:</strong></h6>
<p>अगर आप लोन नहीं चुकाते, तो बैंक या लोन देने वाली कंपनी आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है। वे सिविल कोर्ट में केस दर्ज कर सकते हैं और आपकी संपत्ति को जब्त करने या आपकी सैलरी रोकने की मांग कर सकते हैं। अगर बैंक को लगता है कि आपने जानबूझकर धोखा किया है, तो आपके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज हो सकता है। इसमें जेल की सजा भी हो सकती है।</p>
<h6><strong>वसूली एजेंसियों का सामना करना पड़ सकता है:</strong></h6>
<p>अगर आप लोन की किस्तें समय पर नहीं चुकाते और बैंक को पैसे वापस नहीं मिलते, तो बैंक आपकी बकाया रकम वसूलने के लिए वसूली एजेंसियों की मदद लेते हैं। ये एजेंसियां आपको बार-बार फोन करती हैं या फिर घर आकर संपर्क करती हैं ताकि आपसे बकाया रकम वसूल सकें। कई बार इन एजेंसियों का व्यवहार थोड़ा कठोर हो सकता है, जिससे मानसिक तनाव और परेशानी भी हो सकती है।</p>
<h6><strong>RBI के नियम क्या कहते हैं?</strong></h6>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पर्सनल लोन की वसूली को लेकर कुछ सख्त नियम बनाए हैं। अगर कोई व्यक्ति लोन नहीं चुका पाता है, तो बैंक को सबसे पहले उसे नोटिस भेजना जरूरी होता है। बिना नोटिस दिए कोई भी कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकती।</p>
<h6><strong>लोन वसूली एजेंसियों से परेशान होने से कैसे बचें?</strong></h6>
<p>अगर आप लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो घबराएं नहीं। बैंक से बात करें और अपनी स्थिति साफ-साफ बताएं।</p>
<h6><strong>क्या करें जब लोन चुकाना मुश्किल हो जाए:</strong></h6>
<p>बैंक से बातचीत करें: अगर आप समय पर EMI नहीं भर पा रहे हैं, तो बैंक से संपर्क करें। नई EMI का विकल्प मांगें: बैंक से कहें कि आपकी EMI को कम करें या रिपेमेंट प्लान को थोड़ा आसान बनाएं। सेटलमेंट का विकल्प: बैंक से एकमुश्त भुगतान (सेटलमेंट) की बात करें, जिससे लोन का बोझ थोड़ा कम हो सकता है। पर्सनल लोन समय पर नहीं चुकाने से आपकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। इससे न सिर्फ पैसों की दिक्कत होगी, बल्कि मानसिक तनाव और कानूनी झंझट भी हो सकते हैं।</p>
<p>इसलिए हमेशा समय पर EMI भरें और अगर परेशानी हो, तो बैंक से मिलकर समाधान जरूर निकालें। समझदारी से लोन का इस्तेमाल और समय पर भुगतान आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>business News | बिजनेस न्यूज़ हिन्दी</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/business/if-personal-loan-alert-does-not-repay-the-loan-the/article-20900</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/business/if-personal-loan-alert-does-not-repay-the-loan-the/article-20900</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Jun 2025 12:46:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-06/uttar-pradesh-personal-loan-.jpg"                         length="165056"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harsh Sharma  ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2,000 रुपये से ज्यादा के गूगल पे, फोन पे और पेटीएम पर लगेगा GST? वित्त मंत्री ने साफ कर दी तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[2000 रुपये से ज्यादा के गूगल पे, फोन पे और पेटीएम पर लगेगा GST? वित्त मंत्री ने साफ कर दी तस्वीर,GST NOT on Google Pay PhonePe and Paytm above Rs 2000]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/government-scheme/gst-not-on-google-pay-phonepe-and-paytm-above-rs-2000/article-19221"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-04/gst-on-upi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>GST On UPI:</strong> केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर जीएसटी लगाने पर विचार नहीं कर रही है. वित्त मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने पर विचार कर रही है, जो पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और बिना किसी आधार के हैं.</p>
<p>मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'फिलहाल सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.' मंत्रालय ने कहा'जीएसटी कुछ उपकरणों का उपयोग करके किए गए भुगतान से संबंधित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) जैसे शुल्कों पर लगाया जाता है. जनवरी 2020 से प्रभावी, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर हटा दिया है. चूंकि वर्तमान में यूपीआई लेनदेन पर कोई एमडीआर नहीं लगाया जाता है, इसलिए इन लेनदेन पर कोई जीएसटी लागू नहीं है,'.</p>
<p><strong>UPI ट्रांजैक्शन में आई बढ़ोतरी</strong><br />यूपीआई लेनदेन में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जो वित्त वर्ष 2019-20 में 21.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 तक 260.56 लाख करोड़ रुपये हो गई है. मंत्रालय ने आगे कहा कि सरकार यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.</p>
<p>मंत्रालय ने कहा 'यूपीआई के विकास को समर्थन और बनाए रखने के लिए, वित्त वर्ष 2021-22 से एक प्रोत्साहन योजना चालू की गई है. यह योजना विशेष रूप से कम मूल्य वाले यूपीआई (पी2एम) लेनदेन को लक्षित करती है, जिससे लेनदेन लागत को कम करके और डिजिटल भुगतान में व्यापक भागीदारी और नवाचार को बढ़ावा देकर छोटे व्यापारियों को लाभ होता है. 2023-24 में, सरकार ने इस योजना के तहत 3,631 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो 2022-23 में 2,210 करोड़ रुपये था. पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के तहत कुल प्रोत्साहन भुगतान यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Government Scheme</category>
                                    

                <link>https://bhartiyabasti.com/government-scheme/gst-not-on-google-pay-phonepe-and-paytm-above-rs-2000/article-19221</link>
                <guid>https://bhartiyabasti.com/government-scheme/gst-not-on-google-pay-phonepe-and-paytm-above-rs-2000/article-19221</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 11:15:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://bhartiyabasti.com/media/2025-04/gst-on-upi.jpg"                         length="97743"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vagarth Sankrityaayan]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        