Basti News: युगो तक प्रेरणादायी रहेंगे स्वामी विवेकानन्द के विचार
चित्रांश क्लब ने पुंण्य तिथि पर किया नमन्
बस्ती चित्रांश क्लब द्वारा सोमवार को स्वामी विवेकानन्द को उनके 120 वीं पुण्य तिथि पर नमन् किया गया. रमा टेक्निकल डिग्री कालेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अपनी तेजस्वी वाणी के जरिए पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद ने केवल वैज्ञानिक सोच तथा तर्क पर बल ही नहीं दिया, बल्कि धर्म को लोगों की सेवा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ दिया.
क्लब संरक्षक राजेश चित्रगुप्त ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मात्र 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया किन्तु उन्होने इस अवधि में ही देश को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा दी. शिकागो में दिया उनका ओज पूर्ण भाषण युगों तक संसार का मार्ग दर्शन करता रहेगा. विवेकानंद का जीवन और उनके दिए संदेश युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. उनका पूरा जीवन ही हर किसी के लिए प्रेरणा है. उनके विचार युगों तक प्रेरणादायी रहेंगे.
चित्रांश क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तीव्र बुद्धि के धनी विवेकानंद ने महज 25 साल की उम्र में सांसारिक मोह माया को त्याग संन्यास ले लिया था. उनका हिंदू धर्म और आध्यात्म के प्रति गहरा लगाव था. ईश्वर की खोज पर निकले विवेकानंद को गुरु रामकृष्ण परमहंस मिले, तो वह प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु बन गए. उन्होंने गुरु के नाम पर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी. 4 जुलाई 1902 में स्वामी विवेकानंद का निधन हो गया. क्लब अध्यक्ष जी रहमान ने कहा कि हमें महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिये.
स्वामी विवेकानन्द के स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्लब के जिला संयोजक अविनाश श्रीवास्तव, शेष नरायन गुप्ता, रत्नाकर श्रीवास्तव, अनिल कुमार पाण्डेय, अमर सोनी, अवनीश सिंह, अभिषेक गुप्ता, वी. पाण्डेय, नरेन्द्र यादव आदि ने स्वामी जी के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें नमन् किया.
Basti News: युगो तक प्रेरणादायी रहेंगे स्वामी विवेकानन्द के विचार
चित्रांश क्लब ने पुंण्य तिथि पर किया नमन्
बस्ती चित्रांश क्लब द्वारा सोमवार को स्वामी विवेकानन्द को उनके 120 वीं पुण्य तिथि पर नमन् किया गया. रमा टेक्निकल डिग्री कालेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अपनी तेजस्वी वाणी के जरिए पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद ने केवल वैज्ञानिक सोच तथा तर्क पर बल ही नहीं दिया, बल्कि धर्म को लोगों की सेवा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ दिया.
क्लब संरक्षक राजेश चित्रगुप्त ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मात्र 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया किन्तु उन्होने इस अवधि में ही देश को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा दी. शिकागो में दिया उनका ओज पूर्ण भाषण युगों तक संसार का मार्ग दर्शन करता रहेगा. विवेकानंद का जीवन और उनके दिए संदेश युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. उनका पूरा जीवन ही हर किसी के लिए प्रेरणा है. उनके विचार युगों तक प्रेरणादायी रहेंगे.
चित्रांश क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तीव्र बुद्धि के धनी विवेकानंद ने महज 25 साल की उम्र में सांसारिक मोह माया को त्याग संन्यास ले लिया था. उनका हिंदू धर्म और आध्यात्म के प्रति गहरा लगाव था. ईश्वर की खोज पर निकले विवेकानंद को गुरु रामकृष्ण परमहंस मिले, तो वह प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु बन गए. उन्होंने गुरु के नाम पर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी. 4 जुलाई 1902 में स्वामी विवेकानंद का निधन हो गया. क्लब अध्यक्ष जी रहमान ने कहा कि हमें महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिये.
स्वामी विवेकानन्द के स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्लब के जिला संयोजक अविनाश श्रीवास्तव, शेष नरायन गुप्ता, रत्नाकर श्रीवास्तव, अनिल कुमार पाण्डेय, अमर सोनी, अवनीश सिंह, अभिषेक गुप्ता, वी. पाण्डेय, नरेन्द्र यादव आदि ने स्वामी जी के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें नमन् किया.
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